कोटगाड़ी मंदिर को न्याय की देवी का धाम कहा जाता है.
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नवरात्रि में खास पूजा-अर्चना
चैत्र और आश्विन नवरात्रि में कोटगाड़ी मंदिर में खास पूजा-अर्चना होती है. भक्त मां दुर्गा के वैष्णवी स्वरूप की आराधना करते हैं. अष्टमी को यहां मेले का आयोजन होता है.
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'पांच पुश्तों का न्याय'
लोक मान्यता है कि मां कोटगाड़ी के दरबार में पांच पीढ़ियों तक का न्याय मिलता है. भक्त अपनी समस्याएं स्टांप पेपर पर लिखकर यहां जमा करते हैं, और मन्नत पूरी होने पर धन्यवाद देते हैं.
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नवरात्रि में पूजा विधि
नवरात्रि के दौरान मां को खीर और प्रसाद का भोग लगाया जाता है. भक्त अष्टमी पर खास श्रृंगार और आरती में शामिल होते हैं. यहां बलि प्रथा अब समाप्त हो चुकी है.
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नवरात्रि का भव्य मेला
अष्टमी के दिन कोटगाड़ी मंदिर में मेला लगता है. दूर-दराज से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. भक्ति गीतों और लोक परंपराओं से माहौल जीवंत हो उठता है.
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मनोकामना पूर्ति का केंद्र
नवरात्रि में यहां आने वाले भक्तों का मानना है कि सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है. मंदिर को 'पहाड़ का सुप्रीम कोर्ट' भी कहा जाता है.
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कोटगाड़ी मंदिर की यात्रा करें
नवरात्रि 2025 में कोटगाड़ी मंदिर की यात्रा करें और मां के दर्शन के साथ शांति और शक्ति का अनुभव लें. यहां का प्राकृतिक सौंदर्य भी मन मोह लेता है.