Is Nithyananda Dead: हाल ही में एक चौंका देने वाली खबर तेजी से फैल रही है. दरअसल, कई मीडिया आउटलेट्स ने दावा किया है कि नित्यानंद का निधन हो गया है. मृत्यु का कारण के बारे में भी कुछ खुलासा नहीं हुआ है. लेकिन कई लोगों का मानना है कि यह अप्रैल फूल डे की झूठी कहानी हो सकती है.
हाल ही में शिवरात्रि सत्संग के दौरान स्वघोषित भगवान नित्यानंद का एक वीडियो वायरल हुआ था. हालांकि, तकनीकी गड़बड़ी के कारण प्रवचन अचानक बीच में ही बंद कर दिया गया था. तब से, कोई और सत्संग आयोजित नहीं किया गया है, जिससे उनके ठिकाने के बारे में अटकलें लगाई जा रही हैं.
इसी बीच, रिपोर्टें सामने आईं जिनमें दावा किया गया कि नित्यानंद की मौत दो दिन पहले हो गई थी. पिछले रविवार को उनके भतीजे सुंदरेश्वरन ने वीडियो जारी किया जिसमें उन्होंने कहा कि स्वामी नित्यानंद ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राण त्याग दिए. हालांकि, इंडिया डेली लाइव स्वतंत्र रूप से दावों की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर सकता है. उनके आश्रम ने भी निधन की खबरों पर कोई बयान जारी नहीं किया है.
नित्यानंद ध्यान पीठम के फाउंडर नित्यानंद बलात्कार और अपहरण सहित कई आपराधिक आरोपों के बाद भारत से भागने के बाद 2019 से भगोड़ा हैं. उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट अभी भी जारी है. धोखाधड़ी से जुड़े आरोपों के लिए वह फ्रांस में भी वांछित हैं. उन्होंने 2020 में हिंदू संप्रभु राष्ट्र 'कैलासा' की स्थापना की घोषणा की. हालांकि विशेषज्ञों और मीडिया आउटलेट्स ने इसे एक काल्पनिक इकाई या घोटाला बताकर खारिज कर दिया है.
यह पहली बार नहीं है जब स्वामी नित्यानंद की मौत के बारे में अफवाहें सामने आई हैं. रिपोर्टों में 2022 में दावा किया कि वह गंभीर संज्ञानात्मक समस्याओं से पीड़ित थे और वह लोग, नामों या स्थानों को पहचानने में असमर्थ थे. साथ में 27 डॉक्टरों की देखरेख में थे. उसके बाद नित्यानंद ने अपने फेसबुक अकाउंट के माध्यम से इन अफवाहों को खारिज कर दिया था और कहा था कि उनकी मौत नहीं हुई है बल्कि समाधि की अवस्था में है - एक गहरी, अवचेतन ध्यान की अवस्था.