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Mahakumbh Viral Video: चमत्कार वाले बाबा की धूम, मुंह से निकाल दिया 2 फीट लंबा त्रिशूल

महाकुंभ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज में विभिन्न बदलावों और चमत्कारी घटनाओं का भी गवाह बन रहा है. इस आयोजन के दौरान नागा साधुओं की उपस्थिति और उनकी दिव्य शक्तियों से जुड़े किस्से लोगों के बीच एक नया उत्साह और श्रद्धा पैदा कर रहे हैx.

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Edited By: Babli Rautela
Viral Video
Courtesy: x

Mahakumbh Viral Video: महाकुंभ मेला भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सवों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है, जहां साधुओं और अखाड़ों की दीक्षा और साधना का विशेष महत्व होता है. इस बार का महाकुंभ प्रयागराज में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह 144 साल बाद हो रहा है और हजारों साधुओं के लिए एक स्वर्णिम अवसर बनकर उभर रहा है. खास बात यह है कि इस बार महाकुंभ में चमत्कारी नागा साधु देखने को मिल रहे है.

महाकुंभ में दीक्षा प्राप्त करने के लिए साधुओं को सालों तक इंतजार करना पड़ता है, लेकिन इस साल प्रयागराज में साधुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है. महिलाएं भी अब नागा साधु बनने के इस पारंपरिक रास्ते पर चलने लगी हैं. यह बदलाव न केवल समाज में महिलाओं की भूमिका को सशक्त बना रहा है, बल्कि यह धर्म और साधना के क्षेत्र में समानता की ओर भी एक महत्वपूर्ण कदम है.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

महाकुंभ में साधुओं का जीवन केवल साधना तक सीमित नहीं होता, बल्कि कभी-कभी चमत्कारी घटनाएं भी सामने आती हैं. हाल ही में एक नागा सन्यासी साधु ने अपनी दिव्य शक्ति का परिचय देते हुए एक अद्भुत कार्य किया, जिससे श्रद्धालु हैरान रह गए. साधु ने अपने मुंह से लगभग 50 से 80 सेंटीमीटर लंबा त्रिशूल निकाला, जिसे देखकर लोग उसे चमत्कारी मान रहे हैं. यह घटना मेला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई और इस साधु की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं और इसे श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक मानते हैं. 

महाकुंभ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज में विभिन्न बदलावों, विशेष रूप से महिला साधुओं की बढ़ती संख्या, और चमत्कारी घटनाओं का भी गवाह बन रहा है. इस आयोजन के दौरान नागा साधुओं की उपस्थिति और उनकी दिव्य शक्तियों से जुड़े किस्से लोगों के बीच एक नया उत्साह और श्रद्धा पैदा कर रहे हैं. महाकुंभ का यह विशेष अवसर न केवल साधुओं के लिए, बल्कि आम जनता के लिए भी एक अद्भुत अनुभव साबित हो रहा है.

कुंभ में दीक्षा का विशेष महत्व

कुंभ मेला, जो चार प्रमुख स्थानों – प्रयागराज, उज्जैन, हरिद्वार और नासिक में आयोजित होता है, केवल इन जगहों पर ही नागा साधुओं को दीक्षा दी जाती है. खासकर प्रयागराज का महाकुंभ इसे अन्य कुंभ मेलों से अलग करता है, क्योंकि इसे तीर्थों का राजा कहा जाता है. इस महाकुंभ में कुल 13 अखाड़े भाग ले रहे हैं, जिनमें शैव और वैष्णव संप्रदाय के साधु शामिल हैं. हर अखाड़े में एक मंडलेश्वर या महामंडलेश्वर होता है, जो अखाड़े का नेतृत्व करता है. शाही स्नान के दौरान, सभी अखाड़ों के साधु अपने नियत समय में स्नान करते हैं, जो उनके धार्मिक कर्तव्यों का हिस्सा है. इन अखाड़ों में हजारों साधु रहते हैं, जो साधना और ध्यान में रत रहते हैं.