menu-icon
India Daily

Condom stealthing: सेक्स के दौरान चुपके से हटाया कंडोम, इस शख्स को हो गई जेल

कंडोम स्टेल्थिंग, दुनिया में बेहद आम है. जिन लोगों को सहमति की समझ नहीं होती, उन्हें ये अपराध भी नहीं लगता है. सेक्स के दौरान, बिना पार्टनर की सहमति के कंडोम को हटा लेना, स्टेल्थिंग कहलाती है. इसका खामियाजा, अक्सर महिलाओं को भुगतना पड़ता है. इससे अनचाहे गर्भ और सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज का भी उन्हें खतरा रहता है. ब्रिक्स्टेन में पहली बार, कंडोम स्टेल्थिंग के लिए किसी को सजा मिली है.

auth-image
Edited By: India Daily Live
Condom Stealthing
Courtesy: www.theguardian.com/

कभी सुना है कि सेक्स के दौरान, बिना पार्टनर की सहमति के कंडोम हटाना अपराध है और इसके लिए जेल हो सकती है. अगर नहीं तो ये कहानी आपके लिए ही है. ब्रिटेन के ब्रिक्सटन शहर में एक शख्स को सेक्स के दौरान कंडोम हटाने के लिए 4 साल 3 महीने की कैद हो गई. गाय मुकेंडी नाम का यह शख्स ब्रिक्स्टन का रहने वाला है. लंदन क्राउन कोर्ट ने उसे महिला के रेप के आरोप में जेल भेज दिया. महिला ने कंडोम के साथ सेक्स की इजाजत दी थी, कंडोम के बिना नहीं. इस शख्स ने कंडोम हटाकर उसके साथ सेक्स कर लिया था. 

यूनाइटेड किंगडम के देशों में बिना सहमति के कंडोम हटाने को अपराध माना जाता है, इसे रेप की श्रेणी में रखा गया है. पीड़िता के हक में इस केस को मील का पत्थर बताया जा रहा है. गाय मुकेंडी नाम के इस शख्स ने महिला से माफी मांगी थी. उसने महिला को मैसेज किया था कि उसने लंबे समय से सेक्स नहीं किया है, इसलिए कंडोम हटा लिया. मैसेज भेजने के बाद उसने डिलीट कर दिया था. 

'कंडोम स्टेल्थिंग है रेप'

अधिकारियों ने जब पीड़िता का फॉरेंसिक टेस्ट किया तो सच्चा सामने आई. टेस्ट में शख्स दोषी पाया गया. ज्यूरी ने 2 अप्रैल को शख्स को दोषी माना. केस की जांच करने वाले अधिकारी डीसी जैक अर्ल ने द गार्जियन टाइम्स के हवाले के कहा, 'जांच के दौरान गाय मुकेंडी बार-बार कहता रहा कि उसने ऐसा नहीं किया है. हमारी जांच में यह सामने आया कि वह दोषी है. हम न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. यह रेप है.'

'गंभीर अपराध है कंडोम स्टेल्थिंग'

पीड़ित महिला ने तत्काल पुलिस में शिकायत दी थी. यूके पुलिस का कहना है कि कंडोम स्टेल्थिंग की खबरें बेहद कम सामने आती हैं, लोग इसकी शिकायत दर्ज नहीं कराते हैं. यह एक गंभीर अपराध है, इस पर एक्शन होना चाहिए.  

कहां आया था कंडोम स्टेल्थिंग का पहला केस?

इंग्लैंड और वेल्स में साल 2019 में कंडोम स्टेल्थिंग का पहला केस सामने आया था. ली हॉगबेन नाम के एक शख्स पर आरोप था उसने एक सेक्स वर्कर के साथ रेप किया था. उसने कंडोम के साथ सहमति दी थी लेकिन इसने बिना कंडोम के सेक्स किया था. स्कॉटलैंड में भी ल्यूक फोर्ड नाम के आरोपी कोइसी वजह से दोषी ठहराया गया था. 

क्या होती है कंडोम स्टेल्थिंग?

कंडोम स्टेल्थिंग, हर देश की सच्चाई है. लोग सेक्स के दौरान, बिना पार्टनर की मर्जी से कंडोम हटा लेते हैं. लोग इसकी शिकायत नहीं करते हैं, इसे अपराध नहीं मानते. यह बेहद गलत है. कई देशों मे इसे रेप माना गया है. अगर किसी महिला ने कंडोम के साथ सेक्स की मंजूरी दी है और किसी शख्स ने बिना उसकी मंजूरी लिए कंडोम हटा लिया तो इसे रेप माना जाएगा. यूके में इसे रेप के दायरे में रखा गया है. भारत जैसे देश में यह अपराध नहीं है. इसे अपराध के दायरे में लाने को लेकर बहस चलती है.