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'अच्छा होगा मैं जेल में ही मर जाऊं', जज के सामने हाथ जोड़कर बोले जेट एयरवेज के फाउंडर नरेश गोयल

Jet Airways : जेट एयरवेज के फाउंडर नरेश गोयल बीते शनिवार स्पेशल कोर्ट में जज के सामने हाथ जोड़कर अपनी बात कहते नजर आए. वो जज के सामने एकदम बेबस नजर आए. उन्होंने जज से कहा कि उनका स्वास्थ्य काफी बिगड़ गया है. अच्छा होगा कि मैं जेल में ही मर जाऊं.

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Edited By: Gyanendra Tiwari
naresh goyal

हाइलाइट्स

  • कोर्ट में बेबस नजर आए नरेश गोयल
  • पिछले साल ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था.

Jet Airways :  एक समय देश की सबसे बड़ी प्राइवेट एयरलाइंस कंपनी रही जेट एयरवेज के फाउंडर नरेश गोयल बीते शनिवार स्पेशल कोर्ट में जज के सामने हाथ जोड़कर अपनी बात कहते नजर आए. वो जज के सामने एकदम बेबस नजर आए. उन्होंने जज से कहा कि उनका स्वास्थ्य काफी बिगड़ गया है. अच्छा होगा कि मैं जेल में ही मर जाऊं.

आपको बताते चलें कि उन पर केनरा बैंक के साथ 538 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने का आरोप है. इसी आरोप में उन्हें पिछले साल सितंबर में ईडी ने गिरफ्तार किया गया था. उन्हें अभी न्यायिक हिरासत में आर्थर रोड जेल में रखा गया है.

कोर्ट के सामने पेश होते हुए नरेश अग्रवाल ने कहा कि वह अपनी पत्नी अनीता को बहुत मिस कर रहा है. क्योंकि वो कैंसर के अंतिम स्टेज से जूझ रही हैं.

नरेश अग्रवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई हो रही थी. तभी अदालत में पेश होते हुए उन्होंने व्यक्तिगत सुनवाई के लिए कोर्ट से अनुरोध किया. इसके बाद कोर्ट ने उनकी व्यक्तिगत सुनवाई के आग्रह को स्वीकार कर लिया और उन्हें बोलने का मौका दिया.

नरेश गोयल ने जज के सामने हाथ जोड़ते हुए कहा उनकी पत्नी बिस्तर पर है और उनकी इकलौती बेटी भी बीमार है. जेल स्टाफ की मदद करने की अपनी सीमाएं हैं. बेहतर यही होगा मैं जेल में ही मर जाऊं. इसके बाद जज एमजी देशपांडे ने कहा कि आपको बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा.

मामले की सुनवाई के दौरान जज ने कहा कि मैंने उनकी (नरेश गोयल) की बातें बड़े ध्यान से सुनी. जब वो अपनी बात रख रहे थे मैं उन्हें ध्यान से देख रहा था. उनका शरीर कांप रहा था. उन्हें खुद से खड़े होने के लिए किसी के सहारे की जरूरत है.

आइए अब पूरे मामले को समझते हैं. दरअसल, जेट एयरवेज ने केनरा बैंक से 848.86 करोड़ रुपए की क्रेडिट लिमिट और लोन लिया था. 538.62 करोड़ रुपए नरेश गोयल ने नहीं चुकाए था.  केनरा बैंक ने जेट एयरवेज की फॉरेंसिक ऑडिट में गड़बड़ियां पाई थी. दरअसल, बैंक का आरोप है कि जेट एयरवेज  ने लोन का पैसा अन्य कंपनियों के खाते में ट्रांसफर करवाए थे. वो अपने पर्सनल खर्चे जैसे स्टॉफ की सैलरी, फोन बिल, ट्रैवलिंग का खर्च, सब कुछ जेट एयरवेज से चुकाते थे.

आपको बताते चलें कि 1993 में नरेश गोयल ने जेट एयरवेज की स्थापना की थी. एक समय था जब जेट प्राइवेट एयरलाइंस में साउथ एशिया की सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार थी. लेकिन कर्ज के तले दबे होने के कारण 2019 में जेट को उड़ान सेवाएं बंद करनी पड़ी.