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सेहत के लिए हानिकारक उत्पादों को बेचकर 75% से ज्यादा कमाई करती हैं FMCG कंपनियां

भारत की FMCG कंपनियां अपनी 75% कमाई स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थों को बेचकर करती हैं, एक विश्लेषण में यह खुलासा हुआ है.

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Edited By: Sagar Bhardwaj
सेहत के लिए हानिकारक उत्पादों को बेचकर 75% से ज्यादा कमाई करती हैं FMCG कंपनियां

भारत में डिब्बा बंद यानी पैक्ड फूड का बाजार तेजी से ग्रो कर रहा है. आलस और जल्दबाजी के चलते आजकल हर व्यक्ति मार्केट से बनी बनाई चीजों को खरीद रहा है. जूस, पराठा, केक, रोटी आदि हर चीज आजकल आपको मार्केट में मिल जाती है.ऐसे में आज हम आपको एक ऐसी जानकारी देने जा रहे हैं जिसे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे.

भारत में जो टॉप फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स वाली कंपनियां हैं वे अपना 75% से ज्यादा रेवेन्यू ऐसे उत्पादों से कमाती हैं जो सेहत के लिए हानिकारक होते हैं. इनकी रैंक स्वास्थ्य के मामले में बहुत ही ज्यादा खराब है. एक रिसर्च में ये बात सामने आई है. 

 20 FMCG कंपनियों के 1900 से ज्यादा उत्पादों का किया गया विश्लेषण

देश की टॉप 20 FMCG कंपनियों के 1900 से ज्यादा उत्पादों का विश्लेषण किया गया जिसमें सामने आया कि ये कंपनियां अपनी 76 प्रतिशत कमाई सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले उत्पादों को बेचकर करती हैं. इन टॉप 20 कंपनियों के पैक्ड फूड की सेल देश के कुल प्रोसेस्ड फूड में 36 प्रतिशत है.

देश में प्रोसेस्ड खाद्द पदार्थ बेचने की दर बढ़ी

जानकारी में यह सामने आया है कि साल 2011 से 2021 तक प्रोसेस्ड खाद्द पदार्थ बेचने की दर में 15.32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. इसी अवधि में पेय पदार्थ, खाद्द और बेबरीज प्रोडक्ट्स पर उपभोक्ताओं ने 9.6 प्रतिशत खर्च किया. हेल्थ स्कोर के आधार पर रिपोर्ट में आईटीसी कंपनी को शीर्ष स्थान मिला है, उसके बाद हिंदुस्तान यूनिलीवर, पेप्सिको इंडिया, नेस्ले इंडिया और कोल इंडिया है.

विश्लेषण में ज्यादातर कंपनियों को औसत 5 में से 1.9 के आसपास नंबर मिले हैं. बाजार में मौजूद लगभग 55.6% प्रोडक्ट्स को 5 में से 1.5 या उससे भी कम अंक  मिले हैं. WHO के अनुसार, इनमें से केवल 12%  प्रोडक्ट ही बच्चों के योग्य हैं.

कंपनियों ने नया टारगेट किया फिक्स

कहा जा रहा है कि स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जाररूकता को देखते हुए इन कंपनियों ने उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर नया टारगेट फिक्स किया है. देश की शीर्ष FMCG कंपनियों जैसे आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, पेप्सिको इंडिया जैसी कंपनियों ने तय किया है कि वे अपने उत्पादों  में हानिकारक तत्वों को कम करने का प्रयास करेंगी, जिनमें चीनी, नमक और सेचुरेटेड फैट शामिल है.

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