Twitter Layoffs: एलन मस्क ने 2022 में ट्विटर खरीदा था. तब से लेकर अब तक कंपनी में काफी कुछ बदल दिया गया है. इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का नाम बदलकर एक्स कर दिया है और 6,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. अधिग्रहण के बाद एलन मस्क ने सोशल मीडिया कंपनी को निजी बना लिया. जितने लोगों को अभी तक निकाला गया था वो कंपनी के करीब 80% कर्मचारी थे.
अधिग्रहण के बाद एलन मस्क ने इस कंपनी को निजी बना दिया था. इसके बाद कुछ ही महीनों में 2022 में उन्होंने आधे कर्मचारियों को निकाल दिया. बाकी का जो भी स्टाफ बचा था उन्हें ज्यादा से ज्यादा काम करने के लिए कहा गया और काम करने के घंटों को बढ़ाने के लिए कहा गया था. ट्विटर के कर्मचारियों को ये सब करने के लिए मजबूर होना पड़ा. यहां तक कि ट्विटर की कंटेंट मॉडरेशन टीम को भी नहीं बख्शा गया.
टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के अनुसार, “इस बात को ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया था. आपको ऑर्गेनाइजेशन का आकार सही करना था. जब वो किसी टीम को छोटा करते हैं तो वह पूरी टीम में कटौती करते हैं. इससे बहुत ज्यादा अव्यवस्था पैदा करती है.” अल्टीमीटर कैपिटल के एक निवेशक ब्रैड गेर्स्टनर ने फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग को लिखा था, "सिलिकॉन वैली में यह एक सीक्रेट है कि गूगल से लेकर मेटा और ट्विटर से लेकर उबर तक की कंपनियां बहुत कम लोगों के साथ बढ़िया रेवन्यू जनरेट कर सकती हैं."
एक टेक्नोलॉजी इन्वेस्टर डेविड फ्रीडबर्ग ने कहा है कि एलन मस्क द्वारा की गई छंटनी ने सिलिकॉन वैली की फर्म के लिए एक तरह से नया स्टैंडर्ड सेट किया था. मेटा, अमेजन और गूगल ने भी ट्विटर की छंटनी के बाद नौकरियों में कटौती की क्योंकि इन टेक्नोलॉजी कंपनियों ने 2022 में 165,269 कर्मचारियों, 2023 में 263,180 और इस साल अब तक 96,551 कर्मचारियों को छंटनी की.