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49 साल का हुआ Apple,  जानें 2 कॉलेज ड्रॉपआउट्स ने कैसे खड़ी की इतनी बड़ी कंपनी

Apple Turns 49 Today: आज 1 अप्रैल को एप्पल ने अपने 49 साल पूरे कर हैं. चलिए जानते हैं एप्पल की पूरी जर्नी यहां.

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Edited By: Shilpa Srivastava
Apple Turns 49 Today

Apple Turns 49 Today: आज Apple कंपनी ने 49 साल पूरे कर लिए हैं. इस कंपनी की स्थापना 1 अप्रैल, 1976 को दो कॉलेज ड्रॉपआउट, स्टीव जॉब्स और स्टीव वोजनियाक ने की थी. अब करीब 5 दशक बाद यह दुनिया की सबसे  द्वारा की गई थी. लगभग पांच दशक बाद, Apple दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक बन गई है. कंपनी ने समय-समय पर iPhone, Apple Watch और MacBook के कई वर्जन लॉन्च किए हैं. 

यहां से शुरू हुआ सफर: जॉब्स और वोजनियाक ने लोगों के कंप्यूटर के बारे में सोचने का तरीका बदला. उन्होंने ऐसे डिवाइस बनाने की कोशिश की जो कॉम्पैक्ट होने के साथ ऐसे हों जिन पर कहीं भी बैठकर काम किया जा सके. इन दोनों ड्रॉपआउट्स का सफर जॉब्स के गैरेज में शुरू हुआ जिसके बाद कंप्यूटर के डेवलपमेंट की शुरुआत हुई. इस सफर में वोजनियाक ने प्राथमिक इंजीनियर की भूमिका निभाई.

कंप्यूटर के लिए उन्होंने इंटरनल सर्किट बोर्ड समेत हार्डवेयर डिजाइन किया और अपने दम पर ऑपरेटिंग सिस्टम बनाया. साथ में, उन्होंने 50 I Apple कंप्यूटरों का एक शुरुआती बैच इकट्ठा किया, जिसने अपने अंडरडेवलप डिजाइन के बाद (केस, पावर सप्लाई, डिस्प्ले, कीबोर्ड की कमी) भी काफी लोकप्रियता हासिल की. 

स्टीव वोजनियाक ने छोड़ा साथ: 

वोजनियाक ने शुरुआती मैकिंटोश प्रोजेक्ट में भी काफी अहम भूमिका निभाई. हालांकि,. एक विमान दुर्घटना ने उन्हें कई महीनों तक प्रोजेक्ट से अलग रखा और इससे इनका काम बाधित हुआ. इसके कुछ समय बाद वोजनियाक की रिकवरी हुआ और उन्होंने एक बार फिर से Apple के नेतृत्व में Apple II सीरीज पर काम शुरू किया. इसे बनने में जितना समय सोचा था उससे ज्यादा लगा और वोजनियाक को इस बदलाव ने काफी दुखी किया. फिर वोजनियाक ने मैनेजमेंट वर्क पर फोक्स करने के बजाय प्रबंधन कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय प्रैक्टिकल इंजीनियरिंग में लौटने की इच्छा व्यक्त की, जिसके कारण उन्होंने कंपनी छोड़ने का फैसला किया.

स्टीव जॉब्स ने भी छोड़ा साथ: 

वोज्नियाक के जाने के कुछ समय बाद, जॉन स्कली को अध्यक्ष पद दिया गया. लेकिन बाद में जॉब्स और स्कली के रिश्ते में खटास आ गई जिसके बाद जॉब्स ने 1985 में एप्पल छोड़ दिया.

स्टीव जॉब्स की सेकेंड इनिंग्स: 

1990 में एप्पल की लोकप्रियता चरम पर पहुंची लेकिन इसके बाद कंपनी की लोकप्रियता कम होने लगी. 1996 में कंपनी के लोग इसके भविष्य को लेकर काफी चिंतित हो गए. फिर 1997 में एक ऐसा पल आया जब एक नए ऑपरेटिंग सिस्टम की जरूरत पड़ी. एप्पल ने NeXT सॉफ्टवेयर का अधिग्रहण किया और जॉब्स को अंतरिम सीईओ के तौर पर वापस बुलाया गया. 

वापसी पर जॉब्स ने किए कई अहम बदलाव:

वापस आने के बाद उन्होंने कई अहम बदलाव किए जिसमें मैक के लिए माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस का एक वर्जन डेवलप करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ साझेदारी शामिल थी. इस सहयोग ने एप्पल के प्रोडक्ट्स को दोबारा पटरी पर आने में अहम भूमिका निभाई.

हालांकि, स्टीव जॉब्स का 5 अक्टूबर, 2011 को दुखद निधन हो गया, लेकिन Apple ने CEO टिम कुक के नेतृत्व में लगातार तरक्की की है. 2018 में, Apple एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने वाली पहली कंपनी बन गई और दो साल बाद इसकी वैल्यू दो ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई.