CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने राजनीतिक भविष्य पर बड़ा बयान दिया है. हालांकि, उन्होंने साफ तौर पर यह नहीं बताया कि वह आगे क्या करेंगे, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि यूपी की कमान संभालने के बाद उनका कार्यकाल समाप्त हो जाएगा.
'राजनीति मेरी फुल-टाइम नौकरी नहीं' – योगी
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संभावित रिटायरमेंट की अटकलों के बीच योगी आदित्यनाथ ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर टिप्पणी की. समाचार एजेंसी PTI से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह राजनीति को अपनी पूर्णकालिक नौकरी नहीं मानते. उन्होंने कहा, ''देखिए, मैं राज्य का मुख्यमंत्री हूं, पार्टी ने मुझे यूपी की जिम्मेदारी दी है, लेकिन राजनीति मेरे लिए फुल-टाइम काम नहीं है. फिलहाल हम यहां काम कर रहे हैं, लेकिन असल में मैं एक योगी हूं.'' वहीं योगी ने आगे कहा कि वह अपने भविष्य की संभावनाओं को खुला रख रहे हैं. उन्होंने कहा, ''जब तक हम यहां हैं, हम काम कर रहे हैं... लेकिन इसकी भी एक समय सीमा होगी.''
पीएम मोदी की रिटायरमेंट पर संजय राउत का दावा
बता दें कि योगी आदित्यनाथ की यह टिप्पणी शिवसेना नेता संजय राउत के उस दावे के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि RSS चाहता है कि पीएम मोदी सितंबर तक पद छोड़ दें और नए नेतृत्व के लिए रास्ता बनाएं. राउत ने कहा कि नागपुर स्थित RSS मुख्यालय में अपनी यात्रा के दौरान मोदी को ''75 साल के नियम'' की याद दिलाई गई थी. यह वही अनौपचारिक नियम है जिसके तहत कई वरिष्ठ भाजपा नेता सेवानिवृत्त हो चुके हैं. सितंबर में पीएम मोदी 75 वर्ष के हो जाएंगे.
हालांकि, भाजपा और RSS ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ''2029 में हम मोदी जी को फिर से प्रधानमंत्री के रूप में देखेंगे.''
भाजपा नेतृत्व से मतभेद की खबरों पर योगी का जवाब
इसके अलावा, भाजपा नेतृत्व के साथ मतभेदों पर पूछे गए सवाल के जवाब में योगी आदित्यनाथ ने इस संभावना को नकार दिया. उन्होंने कहा, ''मतभेद का सवाल कहां से आता है? आखिरकार, मैं पार्टी की वजह से यहां बैठा हूं. अगर केंद्रीय नेताओं के साथ मेरे मतभेद होते, तो क्या मैं यहां बैठा रहता?''