उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर 41 में रहने वाली एक महिला को साइबर अपराधियों ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) का फर्जी नोटिस भेजकर 34 लाख रुपए ठग लिए. अपराधियों ने महिला को फोन पर संपर्क किया और कहा कि उसका नाम मनी लॉन्ड्रिंग केस में आ गया है, इसलिए उसे ED का नोटिस भेजा गया है. इसके बाद, उन्होंने महिला से पैसे की मांग की और डर के मारे महिला ने उन्हें पैसे भेज दिए.
महिला ने बाद में महसूस किया कि वह ठगी का शिकार हो गई है, तो उसने इस मामले की शिकायत पुलिस से की. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और साइबर अपराधियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. पीड़िता निधि पालीवाल ने अपनी शिकायत में बताया कि 8 अगस्त की रात करीब 10 बजे जालसाजों ने उन्हें फोन किया और वॉट्सऐप पर शिकायत भेजकर 34 लाख रुपए ट्रांसफर करने को कहा उन्हें एक अपराधी का स्काइप कॉल भी आया, जिसमें वीडियो बंद था.
गौतम बुद्ध साइबर अपराध थाने के प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार गौतम ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. इंस्पेक्टर गौतम ने बताया कि आरोपियों ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दो फर्जी नोटिस भी भेजे, जिनमें पीड़िता पर गंभीर आरोप लगाए गए थे.
दरअसल पिछले कुछ महीनों में देश में 'डिजिटल गिरफ्तारी' घोटालों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है. वहीं पुलिस ने भी लोगों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति से संपर्क करते समय सतर्क रहें और पैसे भेजने से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करें.
साइबर अपराधियोंबता दें कि कल मन की बात' रेडियो कार्यक्रम की 115वीं एपिसोड के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस मुद्दे पर बात की और लोगों से धोखेबाजों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली मनोवैज्ञानिक दबाव की रणनीति के प्रति सचेत रहने का आग्रह किया.