केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार, 25 मार्च को गाजियाबाद के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में तैनात वरिष्ठ पासपोर्ट अधीक्षक दीपक चंद्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया. उन पर अपनी आय से अधिक संपत्ति जमा करने का आरोप है. जांच में खुलासा हुआ कि जुलाई 2018 से 2024 के बीच चंद्रा की संपत्ति में 146.43% की भारी बढ़ोतरी हुई, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका गहरा गई है.
छापेमारी में नकदी और दस्तावेज जब्त
संपत्ति के स्रोत की पड़ताल
सीबीआई अब चंद्रा की संपत्ति के स्रोत और भ्रष्टाचार से संभावित संबंधों की गहन जांच कर रही है. अधिकारियों ने उनके वित्तीय रिकॉर्ड और निवेश पैटर्न की समीक्षा शुरू की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह अतिरिक्त धन अवैध तरीकों से जमा किया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
मामले का महत्व
यह मामला सरकारी अधिकारियों में बढ़ते भ्रष्टाचार पर सवाल उठाता है. सीबीआई की यह कार्रवाई नौकरशाही में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.