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Jharkhand Violence: महाशिवरात्रि में झंड़ा बांधने और लाउड स्पीकर को लेकर भिड़े दो गुट, कई मोटर साइकिलें हुईं आग के हवाले

ट्रेनी आईपीएस अधिकारी श्रुति अग्रवाल ने जनता से अधिकारियों के साथ सहयोग करने की अपील की. साथ ही उन्होंने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है.

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झारखंड के हजारीबाग में बुधवार (26 फरवरी) की सुबह महाशिवरात्रि के दौरान दो गुटों के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद हिंसा भड़क उठी. दरअसल, यह संघर्ष कथित रूप से ध्वज और लाउडस्पीकर लगाने को लेकर हुआ था, जिसके बाद इस घटना में कई लोग घायल हो गए और कई दोपहिया वाहन आग के हवाले हो गए. इस घटना पर पुलिस का कहना है कि, फिलहाल, हालात को काबू में लाने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हजारीबाग की उप आयुक्त नैंसी साहे ने बताया कि इलाके में पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं और स्थिति अब नियंत्रण में है. उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, "आज सुबह हजारीबाग जिले के इचाक क्षेत्र में एक ध्वनि प्रणाली के इस्तेमाल को लेकर हाथापाई और पत्थरबाजी हुई. पर्याप्त बल तैनात किया गया है और सीनियर अधिकारी मौके पर मौजूद हैं. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और शांतिपूर्ण है.

हर जगह शांति होनी चाहिए- ट्रेनी आईपीएस अधिकारी

इस घटना के दौरान ट्रेनी आईपीएस अधिकारी श्रुति अग्रवाल ने जनता से अधिकारियों के साथ सहयोग करने की अपील की. साथ ही उन्होंने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है. उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, "हर जगह शांति होनी चाहिए. हम चाहते हैं कि आप सभी अधिकारियों के साथ सहयोग करें. स्थिति नियंत्रण में है और हम चाहते हैं कि महाशिवरात्रि का त्योहार शांतिपूर्वक संपन्न हो.

बांग्लादेशी घुसपैठियें हिंसा के लिए जिम्मेदार'- केंद्रीय मंत्री

इस बीच, केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद संजय सेठ ने हजारीबाग में हुई हिंसा के लिए "बांग्लादेशी घुसपैठियों" को जिम्मेदार ठहराया और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जो इस झड़प के लिए जिम्मेदार थे. न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा, "यह निंदनीय और दुखद है. सरकार को ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.

संजय सेठ ने आगे कहा, "वहां हिंसा होती है, जहां बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं, और यह झारखंड में हो रहा है क्यों? क्योंकि बांग्लादेशी घुसपैठिए हमारी जनसंख्या संरचना और कानून-व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं. जहां कहीं भी बीजेपी-एनडीए सरकार है, जैसे दिल्ली, असम, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश - वहां बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान की जाती है और उन्हें बाहर किया जाता है.

यहां कानून-व्यवस्था को मजबूत करें- केंद्रीय मंत्री

उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री से अपील की, "मैं झारखंड के मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं कि यहां कानून-व्यवस्था को मजबूत करें और दंगों और अशांति को रोकें. यह महत्वपूर्ण है क्योंकि बांग्लादेशी घुसपैठिए हमारे अधिकारों को छीन रहे हैं और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ रहे हैं। इनकी पहचान करें ताकि इन्हें भारत से बाहर किया जा सके.