menu-icon
India Daily

UP Police Constable Paper Leak Case: यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर कैसे हुआ लीक? निकला बिहार कनेक्शन

UP Police Constable Paper Leak Case: यूपी कांस्टेबल परीक्षा पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड पकड़ा गया है. एसटीएफ ने तीन आरोपी अभिषेक कुमार शुक्ला, शिवम गिरी और रोहित कुमार पांडे को गिरफ्तार किया है.

auth-image
Edited By: India Daily Live
UP Police Constable Paper Leak Case

UP Police Constable Paper Leak Case: यूपी कांस्टेबल परीक्षा पेपर लीक मामले का मेन मास्टरमाइंड पकड़ा गया है. शुक्रवार को एसटीएफ ने तीन आरोपी अभिषेक कुमार शुक्ला, शिवम गिरी और रोहित कुमार पांडे को गिरफ्तार किया है. पुलिस का दावा है कि पेपर अहमदाबाद के एक गोदाम से लाए गए थे. इसके लिए परीक्षा पत्रों के परिवहन के लिए जिम्मेदार कंपनी को जिम्मेदार ठहराया गया है. 

एसटीएफ ने कहा कि बिहार में सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में काम करने वाले 27 वर्षीय एक डॉक्टर को उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार डॉक्टर की पहचान डॉक्टर शुभम मंडल के रूप में हुई है. पुलिस ने कहा कि मामले में गिरफ्तार अन्य लोगों से पूछताछ के दौरान मंडल का नाम सामने आया. इसे पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. 

पेपर लीक के बाद रद्द कर दिया गया परीक्षा

अधिकारियों ने कहा कि दो प्रश्नपत्रों के लीक होने से संबंधित कुल 178 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 393 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. राज्य सरकार ने पेपर लीक के आरोपों के बाद 17 और 18 फरवरी को यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (यूपीपीआरपीबी) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया था और मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी थी.

कौन है मास्टरमाइंड शुभम?

एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए एसटीएफ ने कहा कि पटना का रहने वाला शुभम बिहार के कटिहार जिले के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात है. इसमें कहा गया है कि उसने अपनी एमबीबीएस की डिग्री नालंदा मेडिकल कॉलेज से ली है. 2021 में पटना मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री पूरी करने वाले शुभम और उसके दोस्त बिट्टू पर 2017 में NEET प्रश्न पत्र लीक होने के मामले में मामला दर्ज किया गया था.

आरोपी प्रश्नपत्र वाले बॉक्स तक कैसे पहुंचा

शुक्रवार को एसटीएफ ने तीन लोगों - अभिषेक कुमार शुक्ला, शिवम गिरी और रोहित कुमार पांडे को यह दावा करते हुए गिरफ्तार किया कि पेपर परीक्षा पत्रों के परिवहन के लिए जिम्मेदार कंपनी के अहमदाबाद गोदाम में लीक हुआ था. आरोपी शिवम गिरी, रोहित पांडे टीसीआई के कर्मचारी हैं. जबकि अभिषेक पूर्व कर्मचारी था. प्रश्नपत्रों को टीसीआई द्वारा प्रिंटिंग प्रेस से उठाया गया और सीलबंद ट्रंक में संग्रहीत किया गया.

एसटीएफ के मुताबिक जांच में पता चला कि जब प्रश्नपत्र अहमदाबाद के गोदाम में पहुंचा तो डॉ. शुभम मंडल को शहर पहुंचने के लिए कहा गया. अगले दिन, शुभम और अन्य लोग गोदाम में पहुंचे, जहां उन्होंने प्रश्नपत्र वाला बॉक्स खोला और सेलफोन से तस्वीरें खींचने के बाद उसे सील कर दिया. कुछ दिनों बाद, डॉ. शुभम प्रश्न पत्र के दूसरे सेट की तस्वीरें लेने के लिए फिर से गोदाम के अंदर गए.