'तुम तो धोखेबाज हो...' बिहार में बढ़ी पोस्टर वॉर की जंग, RJD ने फिर नीतीश सरकार को घेरा
Bihar Politics: बिहार में अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव की तैयारी चल रही है. इस बीच पटना में नीतीश कुमार के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं, जो राजनीतिक माहौल को गरमा रहे हैं.

Bihar Elections 2025: बिहार में अक्तूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है. पोस्टर वॉर का सिलसिला लगातार जारी है. ताजा मामला पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास के बाहर लगे पोस्टरों का है, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला गया है. इन पोस्टरों में वक्फ और एनआरसी के मुद्दे पर नीतीश को धोखेबाज बताया गया.
बता दें कि पोस्टर में लिखा गया, ''तुम तो धोखेबाज हो, वादा करके... एनआरसी पर हम तुम्हारे साथ नहीं. वक्फ पर तो बिल्कुल भी साथ नहीं. वोट लेंगे तुम्हारा लेकिन साथ नहीं देंगे.''
बिहार में पोस्टर पॉलिटिक्स जोरों पर
यह पहला मौका नहीं है जब बिहार में पोस्टर पॉलिटिक्स देखने को मिल रही है. बीते दिनों लालू यादव के घर के बाहर एक पोस्टर लगाया गया था, जिसमें लिखा था, 'ना झुका हूं, ना झुकूंगा, टाइगर अभी जिंदा है.'
यह पोस्टर तब लगाया गया था जब ईडी ने 'लैंड फॉर जॉब' घोटाले में लालू यादव और मीसा भारती को समन भेजा था. इस मुद्दे पर तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया था कि सरकार जानबूझकर उनके परिवार के खिलाफ सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है.
क्या है लैंड फॉर जॉब घोटाला?
बताते चले कि यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 तक यूपीए सरकार में रेल मंत्री थे. आरोप है कि रेलवे में ग्रुप डी की भर्ती के बदले लालू यादव ने लोगों से घूस के रूप में जमीन ली.
ईडी की चार्जशीट के अनुसार, लालू परिवार के पास 7 अलग-अलग जगहों पर अवैध जमीनें पाई गई हैं. घोटाले में करीब 600 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की बात सामने आई है. सीबीआई ने इस मामले में लालू समेत उनके परिवार के कई सदस्यों पर केस दर्ज किया है.
चुनाव से पहले तेज हुई राजनीतिक सरगर्मी
बहरहाल, बिहार में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता जा रहा है. विपक्ष का दावा है कि सरकार विपक्षी नेताओं को फंसाने की साजिश रच रही है, जबकि सरकार इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बता रही है.