चीन भारत का पड़ोसी देश है. चीन के संबंध भारत के साथ कभी-भी बहुत अच्छे नहीं रहे हैं. शायद यही वह वजह है कि सीमा पर भी अक्सर भारत और चीन के बीच विवाद सुनने को मिल जाते हैं. अब चीन के नागरिकों के गैरकानूनी तरीके से भारत में प्रवेश करने की खबरें भी सामने आ रही हैं. हाल ही में बिहार के ब्रह्मपुरी थाने के अंतर्गत एक चीनी नागरिक पकड़ा गया है. उसके पास भारत आने का कोई वैलिड पेपर नहीं था. जिसके बाद पुलिस ने उसे घुसपैठ के आरोप में जेल भेज दिया. मुजफ्फरपुर के अमर शहीद खुदीराम बोस सेंट्रल जेल में चीनी नागरिक को रखा गया है.
वहां पर चीनी नागरिक ने आत्महत्या करने की कोशिश की है. वह अपने चश्मे के शीशे से अपने प्राइवेट पार्ट को काट रहा था. अत्यधिक खून बहने से वह बेहोश हो गया था. जब उसे ऐसी अवस्था में देखा गया तो पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया. जेल की प्रशासन ने एक्शन लेते हुए. उसे शुक्रवार की देर रात प्राथमिक उपचार के बाद एसकेएमसीएच मेडिकल कॉलेज में बेहतर इलाज के लिए भर्ती कराया गया है.
चीनी नागरिक ली जियाकी की भाषा यहां कोई अधिकारी नहीं समझ पा रहा है. जिसकी वजह से वह अपनी बात किसी को बता भी नहीं पा रहा है. बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम को जेल में उसने दही-चूड़ा खाया था और वह सुबह में नाश्ते के बाद दिनभर वार्ड में सोया ही था. जेल प्रशासन ने कैदियों से बात की तो पता चला कि शुक्रवार को ही दिन में बंदियों ने उसे रोते हुए भी देखा था.
बंदियों ने बताया कि यह देर रात बाथरूम में जाकर अपने ही चश्मे के शीशे से अपने प्राइवेट पार्ट को काट रहा था. जिसमें ज्यादा खून गिरने से वह बेहोश हो गया. उसके बाद पुलिस प्रशासन ने प्राथमिक इलाज जेल के अंदर हॉस्पिटल में करवाया था. उसके बाद एसकेएमसीएच मेडिकल कॉलेज में बेहतर इलाज हेतु भर्ती कराया गया है.
ध्यान देने वाली बात है कि चीनी नागरिक बिना बीजा के भारत में कैसे आ गया? पूछताछ के बाद पता चला है कि वह नेपाल में 1 जून को चीन से पहुंचा था. इसके बाद सीधे नेपाल के वीरगंज शहर से बस के जरिए मुजफ्फरपुर के बैरिया बस स्टैंड पर उतर गया था. वहीं से आधा किलोमीटर की दूरी पर लक्ष्मी चौक के पास उसे पुलिस ने संदिग्ध परिस्थितियों में देखा तो पुलिस ने पूछताछ की. बाद में जब उसके पास भारत आने का कोई वैलिड कागज नहीं मिला तो पुलिस ने उसे घुसपैठ के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.