Aniket Verma: आईपीएल के स्टार खिलाड़ी अनिकेत वर्मा ने की क्रिकेट जर्नी को लेकर एक खुलासा हुआ है. उनके इस सफर में प्रेरणा बने हैं हार्दिक पांड्या. हैदराबाद के युवा खिलाड़ी अनिकेत के चाचा ने हाल ही में इस बारे में खुलासा किया कि कैसे हार्दिक पांड्या की संघर्ष की कहानी ने अनिकेत को क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया. इस कहानी ने अनिकेत के अंदर एक नया जुनून और ख्वाहिश जगाई, जो उसे अपने सपने को पूरा करने के करीब ले आया.
अनिकेत वर्मा के चाचा अमित ने एक साक्षात्कार में बताया कि जब अनिकेत 14 साल के थे, तब उन्होंने हार्दिक पांड्या की प्रसिद्ध "मैगी" कहानी सुनी. हार्दिक, जैसे अनिकेत, एक साधारण पृष्ठभूमि से आते थे. पांड्या और उनके भाई क्रुणाल ने कई सालों तक बारोडा में लोकल टूर्नामेंट्स खेलने के दौरान केवल मैगी नूडल्स खाए थे. अमित ने यह कहानी अनिकेत को तब सुनाई, जब वे दोनों प्रशिक्षण के लिए अकादमी जा रहे थे.
अमित ने बताया, "अनिकेत उस वक्त 14 साल का था. मैंने यह कहानी अखबार में पढ़ी थी और उसे अनिकेत को सुनाई. उस दिन, मुझे उसमें एक नई भावना, जुनून और भूख दिखाई दी. वह बड़ा बनने की चाहत रखता था. जब हम स्टेडियम पहुंचे, तो उसने मेरे पांव छुए और कहा, 'मैं छोटी-छोटी बातों की शिकायत करता था.' मैंने हंसी में कहा, लेकिन वह बहुत गंभीर था."
अमित ने यह भी बताया कि एक समय पर अनिकेत के पास अच्छे जूते नहीं थे और वह फटे हुए जूते पहनकर खेलते थे. अमित ने अपनी पहली नौकरी के पैसे से अनिकेत के लिए नए स्पोर्ट्स शूज खरीदे. अमित ने कहा, "मेरी पहली नौकरी एक ऑटोमोबाइल शोरूम में थी और मेरी सैलरी 3,000 रुपये थी. उस वक्त अनिकेत फटे हुए जूते पहनकर खेलता था. मैंने उसे शॉप पर ले जाकर 1,200 रुपये के स्पोर्ट्स शूज खरीदे. मैंने कभी भी इतना महंगा सामान नहीं खरीदा था, लेकिन उसके लिए मैं कुछ भी कर सकता था. उस दिन वह नए जूते लेकर सो गया."