India-England Test Series: भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने घोषणा की है कि भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले पटौदी ट्रॉफी को रिटायर किया जाएगा. यह ट्रॉफी भारत और इंग्लैंड के बीच 2007 से चली आ रही एक महत्वपूर्ण प्रतीक थी लेकिन अब इसका इतिहास समाप्त होने जा रहा है.
पटौदी ट्रॉफी का नाम उस महान परिवार पर रखा गया था, जिसमें भारत के टेस्ट क्रिकेट कप्तान रहे इफ्तिखार अली खान पटौदी और उनके बेटे मंसूर अली खान पटौदी दोनों शामिल थे. इफ्तिखार अली खान ने 1946 में भारत का नेतृत्व किया था, जबकि उनके बेटे मंसूर ने 1962 से 1975 तक 40 टेस्ट मैचों में भारत का नेतृत्व किया. मंसूर पटौदी के योगदान को ध्यान में रखते हुए 2007 में भारत और इंग्लैंड के बीच पटौदी ट्रॉफी की शुरुआत हुई थी.
पटौदी ट्रॉफी को 2007 में शुरू किया गया था और इस दौरान भारत ने इंग्लैंड को उनकी सरजमीं पर टेस्ट सीरीज में हराया था. 2007 और 2011 में यह ट्रॉफी मंसूर पटौदी द्वारा भारत और इंग्लैंड के कप्तानों राहुल द्रविड़ और एंड्रू स्ट्रॉस को सौंपी गई थी. मंसूर पटौदी के निधन के बाद 2018 में उनकी पत्नी और बॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री शर्मिला टैगोर ने यह ट्रॉफी इंग्लैंड को सौंपी थी.
अब, इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने यह निर्णय लिया है कि पटौदी ट्रॉफी को रिटायर किया जाएगा. क्रिकेट की दुनिया में यह एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है, खासकर उन प्रशंसकों के लिए जो इस ट्रॉफी को भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज का अभिन्न हिस्सा मानते थे.
हालांकि, सूत्रों के मुताबिक ECB ने यह स्पष्ट किया है कि ट्रॉफियां समय के साथ रिटायर की जाती हैं और पटौदी ट्रॉफी को रिटायर करने के बाद एक नई ट्रॉफी की शुरुआत की जाएगी. इस नई ट्रॉफी का नाम 'हाल के क्रिकेट दिग्गजों' के नाम पर रखा जाएगा, जो भारत और इंग्लैंड के बीच की क्रिकेट यात्रा के नए अध्याय की शुरुआत करेगा.