RRB recruitment 2025: 32000 पद निकालने के बाद भी गुस्से में बेरोजगार, 1 लाख वैकेंसी निकालने की मांग, क्या सुनेगी मोदी सरकार?
भारतीय रेलवे में ग्रुप डी के उम्मीदवारों के लिए 32, 438 रिक्त पदों पर बहाली निकाली गई है. हालांकि 6 साल बाद केवल इतने पदों पर निकली बहाली को लेकर छात्रों में गुस्सा का माहौल है. छात्रों ने कम से कम 1 लाख वेकेंसी की मांग की है. वहीं रेलवे पर जमकर हमला बोला है.
RRB recruitment 2025: भारतीय रेलवे द्वारा कुछ दिनों पहले ग्रुप डी के उम्मीदवारों के लिए बहाली निकाली गई. जिसमें रेलवे में 32, 438 रिक्त पदों के लिए अभिभावकों से आवेदन मांगे गए. हालांकि इसके बाद लोगों का गुस्सा अचानक फूट पड़ा. सोशल मीडिया पर लगातार हैशटैग आरआरबी नाम से पोस्ट शेयर किए जाने लगे. जिसमें छात्रों ने कम बहाली निकालने को लेकर विरोध जताया है. साथ ही कम से कम 1 लाख वेकेंसी की मांग की गई है.
छात्रों का कहना है कि रेलवे की बहाली 6 सालों बाद आई है, इसके बाद भी रिक्त पदों की संख्या काफी कम है. जिससे छात्रों के बीच कॉम्पिटिशन बढ़ गया है. हालांकि छात्रों की मांग को लेकर अभी तक सरकार की ओर से कोई जवाब सामने नहीं आया है. वहीं आवेदन प्रक्रिया की तारीख 22 फरवरी तक है.
सोशल मीडिया पर फूंटा गुस्सा
सरकार द्वारा निकाली गई बहाली पर छात्रों का गुस्सा देखने को मिला है. सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा कि आप हमारा दर्द कब समझेंगे? एक यूजर ने सीधे रेल मंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि आप छात्रों का दर्द कब समझेंगे? छात्रों ने दावा किया है कि रेलवे में लाखों रिक्तियां हैं इसके बाद भी केवल 32,000 पदों पर उम्मीदवारों की भर्ती हो रही है. यह कैसा मजाक है? वहीं दूसरे यूजर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि रेलवे भर्ती देरी से आई और फिर भी, यह ठीक से नहीं आई. युवाओं की अनदेखी करने वाली सरकार को जवाब देना चाहिए.
6 सालों बाद निकली बहाली
एक यूजर ने दुख जताया कि छह साल बाद ग्रुप डी के लिए भर्ती आई है लेकिन सिर्फ़ 32,000 पदों के लिए. यह रेलवे के उम्मीदवारों के साथ अन्याय है. सरकार को पदों की संख्या बढ़ाकर कम से कम 1 लाख कर देनी चाहिए. तकनीकी स्नातकों को इंतजार करना पड़ा. एक अन्य पोस्ट में तकनीकी उम्मीदवारों की समस्याओं पर प्रकाश डाला और कहा कि रेलवे ने तकनीकी पदों के लिए आईटीआई अनिवार्य कर दिया और अब आईटीआई स्नातक बेरोजगार बैठे हैं. सरकार को रोते हुए छात्रों की बात सुननी चाहिए. एक यूजर ने गुस्सा करते हुए कहा कि रेलवे बिक चूका है. उम्मीदें खत्म हो गईं, युवा निराश हैं. एक यूजर ने लिखा कि रेलवे भारत का सबसे बड़ा विभाग है फिर भी केवल 32,438 रिक्तियां? यह युवाओं के लिए निराशाजनक स्थिति पैदा करता है. वहीं एक यूजर ने लिखा कि 'रोजगार अधिकार है, मज़ाक नहीं'