नेशनल टेस्टिंग एजेंसी NEET-UG 2024 परीक्षा में कथित धांधली के आरोप लग रहे हैं. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के डायरेक्टर जनरल IAS सुबोध कुमार सिंह की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. सवाल ये है कि उन्होंने यह कैसे तय किया कि 1568 छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए जाएंगे. ग्रेस मार्क देने का आधार क्या है. उन्होंने एनटीए की ओर से नीट परीक्षा पर प्रेस कॉफ्रेंस कर सफाई पेश की है. उन्होंने कहा है कि एग्जाम ने कोई धांधली नहीं हुई है. सुबोध कुमार क्यों चर्चा में हैं, वे कौन हैं और कहां उनकी पढ़ाई-लिखाई है, लोग अब उनके बारे में जानना चाह रहे हैं. आइए हम आपको बताते हैं कि सुबोध कुमार सिंह अचानक क्यों चर्चा में आए और वे क्यों एनटीए में हुई धांधली को लेकर लोगों के निशाने पर हैं.
सुबोध कुमार सिंह, सीनियर IAS अधिकारी हैं. बीते साल ही वे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के डायरेक्टर जनरल बनाए गए थे. केंद्र सरकार ने उन्हें ये अहम जिम्मेदारी दी है. सुबोध कुमार सिंह साल 1997 बैच के अधिकारी हैं. वे छत्तीसगढ़ कैडर के हैं. एनटीए के सबसे बड़े अधिकारी सुबोध कुमार सिंह ही हैं.
सुबोध कुमार सिंह का गृह जिला उत्तर प्रदेश का कानपुर शहर है. सुबोध कुमार सिंह केंद्र सरकार के खाद्य मंत्रालय में एडिशन सिक्रेटरी भी रह चुके हैं. वे पेशे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर भी रहे हैं. उन्होंने IIT रुड़की से भी पढ़ाई की है.
एनटीए के डीजी सुबोध कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि एग्जाम में कोई धांधली नहीं बरती गई है. केवल कुछ सेंटर्स पर गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिन पर सवाल उठे हैं. एनटीए का पैनल जांच कर रहा है. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि कोई भी ऐसी धांधली नहीं हुई है. एनटीए में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है. सुप्रीम कोर्ट ने NEET UG 2024 के 1563 छात्रों के स्कोर कार्ड को रद्द कर दिया है. ग्रेस मार्क भी रद्द कर दिए गए हैं. 23 जून को परीक्षाएं कराई जाएंगी. 30 जून तक रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा.
NTA ने करीब 1568 छात्र ऐसे हैं, जिन्हें ग्रेस मार्क दिया गया है. 67 छात्र एक साथ टॉपर हैं, जिनकी पर्सेंटाइल 99.99 पहुंच गया है. एक ही परीक्षा केंद्र से 6 छात्रों के नंबर एक जैसे हैं. इन छात्रों को 720 नंबर मिले हैं. वहीं कई छात्र ऐसे हैं, जिन्हें 718 और 719 नंबर मिले हैं. नंबरों के पैटर्न को देखें तो ऐसे नंबर आ नहीं सकते. दरअसल NEET का पूर्णांक 720 है. एक आंसर पर 4 नंबर मिलते हैं. कोई एक सवाल स्किप कर दे तो 4 नंबर छूटते हैं, ऐसे में 718 और 719 नंबर मिलने का तुक नहीं होता.