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क्या होगा जब समंदर में मिलेंगे QUAD के साथी? पाकिस्तान से लेकर चीन तक में मचेगा हड़कंप

अक्टूबर में भारत के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में मालाबार नौसैनिक अभ्यास होगा. इस दौरान सबमरीन स्ट्रेटेजी पर सभी देशों की नौसेना सैन्य प्रदर्शन करेगी. रिपोर्ट के मुताबिक मालाबार अभ्यास में जटिल, एंटी एयर और एंटी सबमरीन वारफेयर ड्रिल्स होंगी. इसके साथ ही कई एडवांस एक्सरसाइज भी कराई जाएगी. हालांकि इसमें अब तक किसी अन्य 5वें देश को बुलाने की योजना नहीं बनायी गई है.

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Edited By: India Daily Live
Quad Countries
Courtesy: Social Media

अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया यानी QUAD देशों के साथ मिलकर भारत अब बंगाल की खाड़ी में खास ट्रेनिंग करने वाला है. जानकारी के मुताबिक 28वें मालाबार नौसैनिक अभ्यास में अब तक किसी भी 5वें देश को बुलाने की योजना नहीं बनाई गई है. हालांकि अब तक सेना की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है. खास बात यह है कि यह सब ऐसे समय में होने जा रहा है, जब चीन साउथ चाइना सी में लगातार अपनी ताकत दिखा रहा है. चीन, भारत के समुद्री हिस्से में भी अपना दबदबा बनाना चाहता है.

सूत्रों के मुताबिक यह अभ्यास अक्टूबर में भारत के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में होगा. इस दौरान पनडुब्बी रोधी युद्ध पर खासतौर पर ध्यान दिया जाएगा. रिपोर्ट के अनुसार मालाबार अभ्यास में जटिल, एंटी एयर और एंटी सबमरीन वारफेयर ड्रिल्स होंगी. इसके साथ ही कई एडवांस एक्सरसाइज भी कराई जाएगी. अब तक किसी अन्य 5वें देश को बुलाने की योजना नहीं है. ऐसे में अब चीन और पाकिस्तान में इस अभ्यास की बौखलाहट दिख सकती है. 

सभी देशों की नजरें चीन पर अटकी

ऐसे में लगभग सभी देशों की नजरें चीन पर अटकी हुई है. दरअसल 355 युद्धपोतों और सबमरीन वाले दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना चीन के पास है. इसके अलावा वो साउथ चाइना सी में पड़ोसियों और खासतौर से फिलीपींस को मजबूत कर रहा है. जिसके लिए कुछ आर्टिफिशियल आइलैंड भी तैयार किए हैं.

क्या है मालाबार अभ्यास?

सूत्रों के अनुसार मालाबार अभ्यास चार देशों के मजबूत रिश्तों, साझा मूल्यों और स्वतंत्र, समावेशी इंडो-पैसिफिक सुनिश्चित करने की सामूहिक क्षमता के बारे में है, जिसे चीन बाधित करने की कोशिश कर रहा है. मालाबार अभ्यास की शुरुआत भारत और अमेरिका के बीच साल 1992 में शुरू हुई थी. जिसका हिस्सा अब जापान और ऑस्ट्रेलिया भी बन गया है.

IRO में चीन की मौजूदगी


IRO में चीन की बढ़ती मौजूदगी चिंता का विषय बनती जा रही है. रिपोर्ट के अनुसार चीन ने अगस्त 2017 में मबूती में अपना पहला ओवरसीज़ बेस तैयार कर लिया था. अब वह अफ्रीका के पूर्वी तट पर फिर लाजिस्टिक्स से जुड़ी सुविधाएं तलाश रहा है. वहीं तंजानिया, मोजाम्बिक, मैडागास्कर और कोमरोस जैसे कई देशों में चीन दांव चल रहा है. 

क्या होता है QUAD ?

क्वाड का अर्थ क्वाड्रीलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग, है जो जापान, ऑस्ट्रेलिया, भारत और अमेरिका के बीच एक बहुपक्षीय समझौता है. मूल रूप पर ये इंडो-पैसिफिक स्तर पर काम कर रहा है. ताकि समुद्री रास्तों से व्यापार आसान हो सके लेकिन अब ये व्यापार के साथ-साख सैनिक बेस को मजबूती देने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है ताकि शक्ति संतुलन बनाया जा सके.