Russia-Ukraine War: यूक्रेन ने रूस के स्ट्रैटजिक बॉम्बर बेस पर किया भयानक हमला, धमाकों से दहला पूरा इलाका, वीडियो में देखें तबाही
यूक्रेन ने गुरुवार को रूस के एंगेल्स स्ट्रैटजिक बॉम्बर बेस को ड्रोन हमले से निशाना बनाया. रॉयटर्स ने रूसी अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस हमले की वजह से युद्ध क्षेत्र से लगभग 700 किलोमीटर (435 मील) दूर एक बड़ा विस्फोट हुआ.

Russia-Ukraine War: यूक्रेन ने गुरुवार को रूस के एंगेल्स स्ट्रैटजिक बॉम्बर बेस को ड्रोन हमले से निशाना बनाया. रॉयटर्स ने रूसी अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस हमले की वजह से युद्ध क्षेत्र से लगभग 700 किलोमीटर (435 मील) दूर एक बड़ा विस्फोट हुआ. जिससे धुंए के बदल आस्मान में छा गए. रूसी टेलीग्राम चैनलों पर प्रसारित वीडियो में एंगेल्स हवाई क्षेत्र में जबरदस्त विस्फोट के दृश्य दिखाई दे रहे हैं. धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के घर को भारी नुक्सान हुआ.
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायु सुरक्षा प्रणाली ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 132 यूक्रेनी ड्रोन मार गियर हैं. हालांकि, एंगेल्स बेस पर हुए हमले के प्रभाव को लेकर रूसी प्रशासन की ओर से अभी तक को विस्तार से जानकारी सामने नहीं आई है.
धुएं के गुबार और तबाही के दृश्य
रॉयटर्स द्वारा सत्यापित एक अन्य वीडियो में क्षतिग्रस्त झोपड़ियों के ऊपर घना धुआं उठता हुआ दिखाई पड़ा. यह हमला यूक्रेन और रूस के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है. जहां यूक्रेनी सेना अब रणनीतिक रूप से रूस के प्रमुख सैन्य ठिकानों को निशाना बना रही है.
रूस के प्रमुख परमाणु बमवर्षक तैनात
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एंगेल्स एयरबेस शुआती सोवियत काल का एक महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना है. यहां रूस के टुपोलेव टीयू-160 परमाणु-सक्षम भारी सामरिक बमवर्षक विमान तैनात हैं, जिन्हें अनौपचारिक रूप से "व्हाइट स्वान" के नाम से जाना जाता है. यह विमान रूस की परमाणु हमले की क्षमता का एक अहम हिस्सा माने जाते हैं.
सारातोव के गवर्नर का बयान
सारातोव के गवर्नर रोमन बुसार्गिन ने कहा कि, 'एंगेल्स शहर पर यूक्रेनी ड्रोन हमला हुआ, जिससे एक हवाई क्षेत्र में आग लग गई. स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दीया गया है. हालांकि उन्होंने एंगेल्स बेस का विशेष उल्लेख नहीं किया, लेकिन यह क्षेत्र का प्रमुख हवाई अड्डा माना जाता है. इस हमले के बाद रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष और तेज होने की आशंका बढ़ गई है.