भारत और चीन के रिश्ते पिछले कुछ साल से सही नहीं रहे हैं. हालांकि हाल के कुछ समय से दोनों देश के बीच रिश्ते सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे बधाई संदेश में कहा कि चीन और भारत प्रमुख विकासशील देश हैं और दोनों पक्षों को व्यापार और अन्य क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए. दोनों पक्षों ने भारत और चीन के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर बधाई संदेश भेजे.
अपने संदेश में शी जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन वैश्विक दक्षिण के महत्वपूर्ण सदस्य हैं और दोनों आधुनिकीकरण के महत्वपूर्ण चरण में हैं और इसलिए उनकी साझेदारी एक-दूसरे की सफलता में योगदान देगी.
बधाई संदेशों का आदान-प्रदान
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी भारतीय समकक्ष द्रौपदी मुर्मू के अलावा चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई संदेशों का आदान-प्रदान किया. गुओ ने आगे कहा कि हमारे द्विपक्षीय संबंधों का ऐतिहासिक क्रम दर्शाता है कि एक-दूसरे की सफलता में योगदान देने वाले साझेदार बनना और 'ड्रैगन और हाथी' का सहकारी नृत्य दोनों पक्षों के लिए सही विकल्प है.
उन्होंने कहा कि चीन द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य में देखने और संभालने के लिए भारत के साथ काम करने के लिए तैयार है और इस अवसर को रणनीतिक आपसी विश्वास बढ़ाने तथा विभिन्न क्षेत्रों में आदान-प्रदान और सहयोग बढ़ाने के अवसर के रूप में लेता है.
भारत सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार
भारत में नवनियुक्त चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने इस आदान-प्रदान पर जानकारी देते हुए कहा कि दोनों देशों को अपने आर्थिक संबंधों में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है, जिससे द्विपक्षीय व्यापार 2024 तक 138.48 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा, लेकिन कारोबारी माहौल को लेकर चिंताएं हैं.