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India Daily

Sunita Williams In Space 2025: फिर अंतरिक्ष में चमकेंगे सितारे! सुनीता और बुच विल्मोर का मिशन शुरू

Space Mission: सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर अपने बोइंग स्टारलाइनर कैप्सूल में तकनीकी खराबी के कारण अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर फंस गए थे. उन्होंने स्पेसएक्स कैप्सूल में 286 दिन बिताए और फिर धरती पर लौट आए.

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Edited By: Ritu Sharma
Sunita Williams
Courtesy: Social Media

Sunita Williams: नासा के अनुभवी अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स ने हाल ही में घोषणा की है कि वे बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल पर फिर से उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. उन्होंने अपने लंबे अंतरिक्ष मिशन को लेकर कहा कि यह एक स्प्रिंट से मैराथन में बदल गया था, लेकिन इसके बावजूद वे चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह से समर्पित रहे.

मिशन की कठिनाइयों के बावजूद भरोसा कायम

बता दें कि स्पेसएक्स के अंतरिक्ष यान से नौ महीने से अधिक समय तक अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर बिताने के बाद, विल्मोर और विलियम्स ने कहा कि उन्हें इस मिशन के दौरान कई अनपेक्षित परिस्थितियों का सामना करना पड़ा. हालांकि, उन्होंने इस बात को भी स्वीकार किया कि बोइंग की परीक्षण उड़ान के दौरान आई समस्याओं के लिए वे खुद भी जिम्मेदार हैं, क्योंकि वे कुछ सवाल और पूछ सकते थे, जिससे स्थिति बदल सकती थी.

स्टारलाइनर पर फिर से उड़ान भरने की इच्छा

बता दें कि दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने इस बात की पुष्टि की कि वे स्टारलाइनर पर दोबारा उड़ान भरने को तैयार हैं और इसकी कमियों को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध हैं. सुनीता विलियम्स ने कहा कि, ''स्टारलाइनर में गजब की संभावनाएं हैं और मैं इसे सफल होते देखना चाहती हूं.''

इंजीनियरों के लिए अब भी बना हुआ है सिरदर्द

नासा के अधिकारियों के अनुसार, थ्रस्टर की खराबी की असल वजह का अब तक पता नहीं चल पाया है. गर्मी के मौसम में इसके और परीक्षण किए जाएंगे, ताकि आगे की उड़ानों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. विल्मोर ने कहा, ''अगर इंजीनियर इन समस्याओं को हल कर लेते हैं, तो स्टारलाइनर फिर से उड़ान के लिए तैयार होगा.''

स्टारलाइनर के लिए जरूरी होगी अतिरिक्त परीक्षण उड़ान?

वहीं नासा इस बात पर विचार कर रहा है कि अंतरिक्ष यात्रियों को फिर से भेजने से पहले एक अतिरिक्त परीक्षण उड़ान की जरूरत हो सकती है, जिसमें केवल कार्गो भेजा जाएगा. अगर ऐसा होता है, तो यह मिशन वर्ष के अंत तक संभव हो सकता है.