रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में एक बयान में कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ग्रीनलैंड को हासिल करने के प्रति गंभीर है. यह टिप्पणी वैश्विक राजनीति और आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच आई है, जिसने दुनिया भर के विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया है. पुतिन के इस दावे ने अमेरिका की सामरिक महत्वाकांक्षाओं पर नई बहस छेड़ दी है.
ग्रीनलैंड पर अमेरिकी रुचि
आर्कटिक में बढ़ता तनाव
आर्कटिक क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों और समुद्री मार्गों के लिए प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है. रूस, जो इस क्षेत्र में सबसे बड़ी तटरेखा वाला देश है, इसे अपने राष्ट्रीय हितों का हिस्सा मानता है. पुतिन का मानना है कि अमेरिका का ग्रीनलैंड पर दावा इस क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर सकता है. उन्होंने चेतावनी दी कि यह कदम नाटो और रूस के बीच नए संघर्ष का कारण बन सकता है. रूस पहले से ही आर्कटिक में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है, और अमेरिका की यह रणनीति उसके लिए चुनौती बन सकती है.
वैश्विक प्रतिक्रिया
पुतिन के बयान पर यूरोपीय देशों ने सतर्कता दिखाई है. डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यह क्षेत्र "बिकाऊ नहीं है." वहीं, रूस का कहना है कि वह स्थिति पर करीब से नजर रखेगा. यह घटनाक्रम वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकता है.