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यूक्रेन से युद्ध के दौरान और अमीर हुआ रूस, ऑल टाइम हाई पर पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार

650 अरब डॉलर का यह भंडार रूस को वैश्विक आर्थिक संकटों से निपटने में सक्षम बनाता है. साथ ही, यह देश को अपनी मुद्रा, रूबल, को स्थिर रखने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में प्रभाव बढ़ाने की शक्ति देता है.

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रूस के अंतरराष्ट्रीय भंडार ने नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 650 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया है. यह देश के लिए एक बड़ी आर्थिक उपलब्धि मानी जा रही है, जो वैश्विक स्तर पर उसकी वित्तीय ताकत को दर्शाती है. यह जानकारी हाल ही में जारी आंकड़ों से सामने आई है, जिसने दुनिया भर के विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा है.

भंडार में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
रूस के केंद्रीय बैंक द्वारा संचालित ये अंतरराष्ट्रीय भंडार विदेशी मुद्रा, सोना और अन्य मूल्यवान संपत्तियों का संग्रह हैं. इनका उपयोग देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने और वैश्विक व्यापार में मजबूती बनाए रखने के लिए किया जाता है. हाल के वर्षों में रूस ने अपने भंडार को लगातार बढ़ाने पर ध्यान दिया है, और अब यह 650 अरब डॉलर से अधिक हो गया है. यह आंकड़ा पिछले सभी रिकॉर्ड्स को तोड़ता है और रूस की आर्थिक नीतियों की सफलता को रेखांकित करता है. विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक प्रतिबंधों के बावजूद रूस ने यह उपलब्धि हासिल की है, जो उसकी रणनीति की मजबूती को दिखाता है.

वैश्विक प्रभाव और रूस की रणनीति
650 अरब डॉलर का यह भंडार रूस को वैश्विक आर्थिक संकटों से निपटने में सक्षम बनाता है. साथ ही, यह देश को अपनी मुद्रा, रूबल, को स्थिर रखने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में प्रभाव बढ़ाने की शक्ति देता है. रूस ने ऊर्जा निर्यात और सोने के भंडारण पर विशेष जोर देकर इस स्तर को हासिल किया है. यह कदम पश्चिमी देशों के साथ तनाव के बीच भी उसकी आत्मनिर्भरता को उजागर करता है.

भविष्य की संभावनाएं
यह उपलब्धि रूस के लिए भविष्य में और मजबूत आर्थिक नींव तैयार करने का आधार बन सकती है. विश्लेषकों का कहना है कि यह भंडार रूस को वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत करने और संभावित चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगा.

 

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