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'...तो जेलेंस्की को मुसोलिनी की तरह लटका दिया जाएगा', अमेरिका-यूक्रेन खनिज सौदे पर रूस का बड़ा बयान

'...तो जेलेंस्की को मुसोलिनी की तरह लटका दिया जाएगा', अमेरिका-यूक्रेन खनिज सौदे पर रूस का बड़ा बयान

Imran Khan claims

खनिज सौदे को लेकर ट्रंप ने जो शर्तें रखी हैं, यूक्रेन उन पर बुरी तरह से फंसता नजर आ रहा है. दरअसल, अमेरिका ने यूक्रेन के सामने शर्त रखी है कि वह अमेरिकी सहायता और उस पर लगी ब्याज का पैसा चुकाने तक अपने सभी प्राकृतिक संसाधनों को अमेरिका को इस्तेमाल करने के लिए दे दे. इसी बीच यूक्रेन ने स्पष्ट किया है कि दोनों देशों के बीच अभी खनिज सौदा पूरा नहीं हुआ है.

यूक्रेन की सतर्क प्रतिक्रिया
यूक्रेन के उप प्रधानमंत्री यूलिया स्वीरिदेंको ने सांसदों को बताया कि कीव नए मसौदे पर अपनी स्थिति तभी स्पष्ट करेगा, जब पूरी सहमति बन जाएगी. उन्होंने कहा कि तब तक सार्वजनिक चर्चा नुकसानदायक होगी. राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मिखाइलो पोडोल्याक ने रॉयटर्स से कहा, "अभी कोई अंतिम मसौदा नहीं है. विभिन्न मंत्रालयों के स्तर पर परामर्श जारी है." उन्होंने आगे विवरण देने से इनकार कर दिया. एक अन्य यूक्रेनी सूत्र ने अमेरिकी दस्तावेज को "विशाल" बताया.

तो जेलेंस्की को मुसोलिनी की तरह लटका दिया जाएगा

वहीं इस खनिज सौदे को लेकर रूस ने जेलेंस्की पर हमाल बोला है. रूस के दिमित्री मेदवेदेव ने ट्वीट कर कहा कि अगर कीव प्रशासन अमेरिका की इस डील को मंजूरी देता है तो ड्रग एडिक्ट (जेलेंस्की) और कंपनी (उनके लोगों) को वहां के लोग  मुसोलिनी की तरह मैदान में फांसी पर लटका देंगे और अगर वे इस सौदे को मंजूर नहीं करते हैं तो तो संयुक्त राज्य अमेरिका बांदेरा शासन को फिर से स्थापित करेगा. 

ट्रंप प्रशासन का दबाव
ट्रंप प्रशासन, जिसने यूक्रेन में तीन साल से चल रहे युद्ध को लेकर रूस के narrative का समर्थन शुरू किया है, कीव पर हफ्तों से यह सौदा करने का दबाव डाल रहा है. नवीनतम मसौदे में यूक्रेन को कोई सुरक्षा गारंटी नहीं दी गई है और सभी संसाधन आय संयुक्त कोष में डालने की शर्त है. अमेरिका को खनिज खरीदने का पहला अधिकार होगा और 2022 से दी गई सहायता व 4% वार्षिक ब्याज की वसूली के बाद ही यूक्रेन को लाभ मिलेगा. यूक्रेन के 2024 बजट में संसाधनों से 22.4 बिलियन डॉलर आय शामिल थी.

जेलेंस्की की चिंता और पुतिन की मांग
जेलेंस्की ने कहा कि वह सिद्धांत रूप में सौदे के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन ऐसा समझौता नहीं करेंगे जो देश को गरीब बनाए. गुरुवार को उन्होंने कहा, "वाशिंगटन लगातार शर्तें बदल रहा है, लेकिन मैं नहीं चाहता कि अमेरिका सोचे कि मैं मूल रूप से इसका विरोधी हूं." दूसरी ओर, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, "कीव सरकार को हटाकर एक अस्थायी प्रशासन बनाया जाए." उन्होंने ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति वास्तव में कई कारणों से संघर्ष खत्म करना चाहते हैं."

India Daily