शोधकर्ताओं ने एक ऐसे प्राचीन सैन्य अड्डे की खोज की है तो संभवत: बाइबल की उस कहानी की पुष्टि करता है जिसमें बताया गया है कि परमेश्वर के दूतों ने यरूशलेम पर हमले को रोका था. बाइबल की एक कहानी कहती है कि लगभग 2,700 साल पहले ईश्वर ने एक दूत को असीरियन सैनिकों की सेना से लड़ने के लिए भेजा था जो पवित्र भूमि पर विजय प्राप्त करे के लिए आए थे. कहा जाता है कि ईश्वर के उस दूत ने एक ही रात में आक्रमण करने वाली सेना के 185,000 सैनिकों को मार डाला था. हालांकि इस घटना का कोई पुरातात्विक साक्ष्य नहीं हैं. यह एक किंवदंती है कि ईश्वर ने युद्ध लड़ा था.
पुरातत्वविद ने खोज निकाला युद्ध का सबूत
अब मॉर्डर्न मानचित्र तकनीक का इस्तेमाल करते हुए पुरातत्वविद स्टीफन कॉम्पटन ने दावा किया है कि उन्हें इस बात के सबूत मिल गए है कि यह युद्ध हुआ था. असीरियन साम्राज्य ईसा के समय से सैकड़ों वर्ष पूर्व 1365 से 609 ईसा पूर्व तक संचालित था.
असीरियन साम्राज्य के राजा सन्हेरीब ने किया ता यरूशलेम पर आक्रमण
असीरियन साम्राज्य के राजा सन्हेरीब ने यरूशलेम पर आक्रमण किया था. सन्हेरीब भूमध्य सागर तक जाने वाले सीरियाई रेगिस्तान के सभी मार्गों पर अपना प्रभुत्व स्थापित करना चाहता था. कॉम्पटन ने एक मैप पर नक्काशी कर यह बताने की कोशिश की है कि उस समय वहां सैन्य अड्डा किस तरह बनाया गया था.
इस स्थल का पुरातात्विक सर्वेक्षण करने के बाद कॉम्पटन ने माना कि सन्हेरीब के आक्रमण के बाद यह इलाका वीरान हो गया था और फिर कम से कम 2600 सालों तक इस क्षेत्र में कोई इंसान रहने के लिए नहीं आया.
इस खोज के शोधकर्ताओं ने उस क्षेत्र में अन्य समान सैन्य स्थलों का पता लगाने का मार्ग प्रशस्त किया है. उन्हें उम्मीद है कि इससे उन प्राचीन शहरों का पता लगाने में मदद मिलेगी जिन्हें असीरियन साम्राज्य द्वारा नष्ट कर दिया गया था.
क्या है बाइबल की कहानी
बाइबल की तीन कहानियों यशायाह, , 37:36-38' '2 राजा, 19:35' और '2 इतिहास, 32:21' में विस्तार से बताया गया है कि कैसे यरूशलेम पर हमला करने से एक रात पहले अश्शूर के सैनिकों को मार दिया गया था.
इन सभी कहानियों में बताया गया है कि इजरायली देवता यहोवा ने एक दूत भेजा जो सैनिकों के सोते समय शिविर से गुजरा और उसने अपने अनुयायियों को धमकाने के कारण सभी सैनिकों को मार डाला.