'यूरोप में इस्लामीकरण की प्रक्रिया चल रही है' इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी का पुराना वीडियो क्यों हो रहा वायरल?
मेलोनी ने अपने बयान में यह भी दावा किया था कि इटली में मौजूद इस्लामिक सांस्कृतिक केंद्रों को सऊदी अरब से फंडिंग मिलती है, जहां शरिया कानून लागू है. उनके इस बयान ने यूरोप में इस्लाम के प्रभाव और उसकी फंडिंग को लेकर बहस को हवा दी थी.
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का इस्लाम और यूरोपीय मूल्यों पर दिया गया एक पुराना बयान एक बार फिर सुर्खियों में है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल हुए एक वीडियो में मेलोनी कहती नजर आ रही हैं, "यूरोप में इस्लामीकरण की प्रक्रिया चल रही है, जो हमारी सभ्यता के मूल्यों से काफी दूर है." यह वीडियो कथित तौर पर 2018 का है, जब मेलोनी इटली की प्रधानमंत्री नहीं बनी थीं.
इस्लामिक केंद्रों पर सवाल
मेलोनी ने अपने बयान में यह भी दावा किया था कि इटली में मौजूद इस्लामिक सांस्कृतिक केंद्रों को सऊदी अरब से फंडिंग मिलती है, जहां शरिया कानून लागू है. यह जानकारी मनीकंट्रोल की एक पुरानी रिपोर्ट में भी सामने आई थी. उनके इस बयान ने यूरोप में इस्लाम के प्रभाव और उसकी फंडिंग को लेकर बहस को हवा दी थी.
पहले भी उठा था मुद्दा
यह वीडियो इससे पहले दिसंबर 2023 में भी वायरल हुआ था, जब मेलोनी की दूर-दराज़ पार्टी 'ब्रदर्स ऑफ इटली' ने रोम में एक राजनीतिक सभा का आयोजन किया था. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस सभा में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक जैसे नेता शामिल हुए थे. सभा का मुख्य फोकस यूरोप में प्रवास और शरण नीतियों पर था. उस समय भी मेलोनी के इस बयान ने खूब चर्चा बटोरी थी.
सोशल मीडिया पर बहस
हालांकि यह वीडियो नया नहीं है, लेकिन इसके फिर से ऑनलाइन प्रसार ने मेलोनी के इस्लाम और यूरोप में आप्रवासन पर रुख को लेकर नई बहस छेड़ दी है. उनके विचारों को लेकर समर्थन और विरोध दोनों देखने को मिल रहे हैं. यह मुद्दा एक बार फिर यूरोपीय सभ्यता और इस्लामिक प्रभाव के बीच टकराव को रेखांकित कर रहा है.