पाकिस्तान में चुनावों को लेकर खूब हंगामा होता है. हर बार चुनाव के बाद ऐसा हाल हो जाता है कि आधे लोग नतीजे ही नहीं स्वीकार करते. यह बात कोई और नहीं बल्कि खुद पाकिस्तानी सांसद ने वहां की संसद में कहा है. पाकिस्तानी सांसद ने भारत के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए अपनी ही सरकार और प्रशासन को लताड़ा है. पाकिस्तानी सांसद शिबली फराज ने कहा कि भारत में करोड़ों लोगों ने वोट डाले, लाखों बूथ पर वोटिंग हुई लेकिन कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई. उन्होंने अपने देश को आईना भी दिखाया और कहा कि जब हमारा पड़ोसी कर सकता है तो हम क्यों नहीं कर सकते. अब फराज का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
हाल ही में भारत में हुए लोकसभा चुनाव में लगभग 64 करोड़ लोगों ने वोट डाले. लाखों बूथ पर वोटिंग हुई. लाखों की संख्या में ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल हुआ. चुनाव नतीजे आने के बाद सत्ताधारी बीजेपी कमजोर हुई लेकिन चुनाव पर सवाल नहीं उठे. चुनाव के नतीजों के बाद सभी ने इन नतीजों को स्वीकार किया. इसी को लेकर पाकिस्तान के सांसद शिबली फराज ने अपने देश के नेताओं, राजनीतिक पार्टियों और प्रशासन को आईना दिखा दिया.
In the Pakistani Parliament, opposition leader Shibli Faraz praised the Indian electoral process, highlighting how the world's largest democracy conducted its lengthy elections with EVMs, announced results, and transferred power smoothly without any allegations of fraud. Why… pic.twitter.com/eNnzidup3x
— Ghulam Abbas Shah (@ghulamabbasshah) June 13, 2024
दरअसल, पाकिस्तान में हर बार चुनाव में धांधली के आरोप लगते रहे हैं. इसी को लेकर शिबली फराज ने अपने देश की चुनाव व्यवस्था को लेकर जमकर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, 'अभी चुनाव हुए हैं वहां पर. 800 मिलियन से ज्यादा लोगों ने वोट किया है. कितने हजारों, लाखों पोलिंग स्टेशन थे वहां पर. एक जगह पर एक बंदा रहता था, उन लोगों ने उसके लिए भी पोलिंग स्टेशन बनाया. एक महीने तक चुनाव हुआ और ईवीएम के जरिए वोट डाले गए.'
उन्होंने आगे कहा, 'क्या एक आवाज उठी कि चुनाव में गड़बड़ हुई? हमारे यहां चुनाव होता है तो हारने वाला कहता है कि मैं नहीं मानता, जीतने वाला कहता है कि मैं जीत गया हूं. इस तरह की चीजों ने हमारे पॉलिटिकल सिस्टम को एकदम खोखला कर दिया है.'
दरअसल, पाकिस्तान में 8 फरवरी को चुनाव हुए थे. हालांकि, चुनाव को लेकर जमकर सवाल उठे. चुनाव से पहले ही इमरान खान की पार्टी पर बैन लग गया. इमरान खान ने अपनी पार्टी के कैंडिडेट्स को निर्दलीय ही उतार दिया. जब नतीजे आए तो आरोप लगे कि इमरान समर्थित उम्मीदवारों को जबरदस्ती हरा दिया गया.