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India Daily

Myanmar Earthquake: म्यामांर के भूंकप ने ली 3000 लोगों की जान, मलबे में दबे लोगों की बचने की कितनी संभावना?

पड़ोसी मुल्क म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप ने हजारों लोगों की जान ले ली. हालांकि, अभी भी सैंकड़ों लोग मलबे के अंदर फंसे हुए हैं. यह समझना काफी जरूरी है कि फंसे हुए लोग कितनी देर तक जीवित रह सकते हैं.

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Edited By: Shanu Sharma
Myanmar Earthquake
Courtesy: Social Media

Myanmar Earthquake: म्यांमार में आए भीषण भूकंप में लगातार मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है. अब तक आई जानकारी के मुताबिक, भूकंप के कारण मरने वालों की संख्या 2,719 हो गई है. इसके अलावा, 4,521 लोग घायल बताए जा रहे हैं. वहीं, लगभग 400 लोगों के लापता होने की भी खबर सामने आई है.

पड़ोसी मुल्क में आए विनाशकारी भूकंप ने हजारों लोगों को प्रभावित किया. कई लोगों की जान चली गई, वहीं कुछ लोग अभी भी मलबे के नीचे फंसे हुए हैं. हालांकि, फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है. लेकिन कुछ रिपोर्ट का कहना है कि यह आंकड़ा 3 हजार तक पहुंच सकता है.

मलबे के अंदर कितने समय तक जिंदा रह रहना संभव

म्यांमार में भूकंप शुक्रवार को आया था, जिसकी तीव्रता 7.7 बताई गई थी. इसका असर पड़ोसी देशों चीन, थाईलैंड, वियतनाम और भारत के कुछ हिस्सों में देखने को मिला. हालांकि, इस झटके के कारण म्यांमार को काफी नुकसान सहना पड़ा. इस घटना ने तबाही मचाई और कई इमारतों और सड़कों को नुकसान पहुंचाया. हजारों लोगों की मौत के बाद अब भी कुछ लोग मलबे के अंदर फंसे हुए हैं, जिन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है.

हालांकि, सवाल यह है कि फंसे हुए पीड़ित कितने समय तक जीवित रह सकते हैं? हालांकि, इसका जवाब देना इतना आसान नहीं है. क्योंकि मलबे के वजन या दबाव के अलावा, फंसे हुए लोगों के बचने की संभावना मौसम और पानी और हवा की उपलब्धता पर भी निर्भर करती है. विशेषज्ञों की मानें तो अगर चोटें बहुत गंभीर नहीं हैं, तो पीड़ित एक हफ्ते या उससे ज़्यादा समय तक जीवित रह सकते हैं. उनका जीवन इस बात पर निर्भर करता है कि मौसम बहुत ज़्यादा गर्म या ठंडा तो नहीं है. साथ ही, अगर फंसे हुए लोगों को 24 घंटे के अंदर बाहर निकाल लिया जाए, तो उनके बचने की संभावना अधिक होती है. जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता है, वैसे ही दिन बिताना मुश्किल हो जाता है.

मजबूत सामान के नीचे बैठना क्यों जरूरी

फंसे हुए पीड़ितों के बचने के सवाल पर एक्सपर्ट कहते हैं कि उनके बचने की संभावना अधिक होती है अगर वह व्यक्ति एक मजबूत डेस्क के नीचे बैठा हो. ऐसे में उस व्यक्ति को बड़ी चोट लगने से बचाया जा सकता है. वहीं, दूसरे एक्सपर्ट का कहना है कि इमारत ढहने के दौरान किसी भी तरह की आग, धुआं या खतरनाक रसायन अगर लीक हो जाता है, तो व्यक्ति के बचने की संभावना कम हो जाती है. इसके अलावा, फंसे हुए व्यक्ति अगर मानसिक रूप से मजबूत हो, तो वह ज्यादा देर तक अपने जीवन की लड़ाई लड़ सकता है.