‘भूकंप से लाखों लोग मरेंगे’, यूरोप में करोड़ों लोगों की जान का खतरा, वैज्ञानिकों ने दी महाप्रलय की चेतावनियों
भूकंपों की एक चेन ने आस पास के लोगों और पर्यटकों के बीच डर का माहौल बना दिया है. खासकर लोकप्रिय पर्यटन स्थल सेंटोरिनी द्वीप पर भूकंप के झटकों से दहशत फैल गई. यूरोप के कुछ हिस्सों में कहीं अधिक बड़े और विनाशकारी भूकंप का खतरा मंडरा रहा है.
Mega-Earthquake Threatening Europe: ग्रीस के तट पर हाल ही में आए भूकंपों की एक चेन ने आस पास के लोगों और पर्यटकों के बीच डर का माहौल बना दिया है. खासकर लोकप्रिय पर्यटन स्थल सेंटोरिनी द्वीप पर भूकंप के झटकों से दहशत फैल गई. हालांकि अभी तक इन झटकों से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि यह केवल एक चेतावनी भर है—यूरोप के कुछ हिस्सों में कहीं अधिक बड़े और विनाशकारी भूकंप का खतरा मंडरा रहा है.
विशेषज्ञों की मानें तो सबसे बड़ा खतरा तुर्की के महानगर इस्तांबुल पर है, जहां की आबादी 1.6 करोड़ से अधिक है. यह शहर खतरनाक उत्तरी अनातोलियन फॉल्ट लाइन पर स्थित है, जहां भूगर्भीय हलचलें लगातार दर्ज की जा रही हैं.
सागर में बढ़ी भूकंपीय गतिविधि
हाल के दिनों में पूर्वी भूमध्य सागर में भूकंपीय गतिविधियां अचानक बढ़ गई हैं. ग्रीस के सेंटोरिनी द्वीप और आसपास के क्षेत्रों में 5.1 तीव्रता तक के कई भूकंप दर्ज किए गए. इन झटकों के कारण द्वीप के दो-तिहाई निवासी otmjs पलायन कर गए हैं. हालांकि, भूकंप की यह लहर केवल एक चेतावनी हो सकती है. वैज्ञानिकों का मानना है कि इस्तांबुल और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले सालों में 7 या उससे अधिक तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आ सकता है.
एक बड़े भूकंप की प्रतीक्षा कर रहा शहर
जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज के वैज्ञानिक मार्को बोहनहोफ के अनुसार, हर 250 साल में इस्तांबुल में एक बड़ा भूकंप आता है. पिछली बार 1766 में इस क्षेत्र में भारी तबाही मचाने वाला भूकंप आया था. इसका मतलब यह है कि अब किसी भी समय एक और बड़ा भूकंप आ सकता है.
बोहनहोफ ने भूगर्भीय डेटा के आधार पर कहा, 'अगले कुछ दशकों में 7+ तीव्रता के भूकंप की संभावना 80% तक है.' भूकंपविज्ञानी नैसी गोरूर ने भी इस भयावह भविष्यवाणी की पुष्टि करते हुए कहा है कि इस्तांबुल में कम से कम 1 लाख इमारतें भूकंप से पूरी तरह ध्वस्त हो सकती हैं. टी-ऑनलाइन.डीई के मुताबिक, गोरूर ने कहा, 'लाखों लोग मारे जाएंगे, और इस खतरे की भयावहता को अब तक सरकार और जनता नहीं समझ रही है.'
खराब बुनियादी ढांचा और बढ़ता जोखिम
तुर्की में भूकंप रोधी निर्माण नियमों को लागू करने के लिए कई सख्त कानून हैं, लेकिन इनका पालन नहीं किया जाता. लगभग 15 लाख आवासीय और व्यावसायिक इमारतें खतरे के दायरे में हैं. यिल्डिज टेक्निकल यूनिवर्सिटी के भूविज्ञान विशेषज्ञ सुकरु एर्सॉय ने चेतावनी दी, 'इस्तांबुल इस आपदा के लिए तैयार नहीं है. घनी आबादी और कमजोर इमारतों के कारण यहां भारी तबाही मच सकती है.' तुर्की के शहरी विकास मंत्री मूरत कुरुम ने भी स्वीकार किया है कि इस्तांबुल का बुनियादी ढांचा बड़े भूकंप को सहन करने में सक्षम नहीं है.
उत्तरी अनातोलियन फॉल्ट लाइन मरमारा सागर के नीचे से गुजरती है, और दशकों से इस क्षेत्र में भूकंपीय ऊर्जा जमा होती जा रही है. जियोमर हेल्महोल्ट्ज़ सेंटर फॉर ओशन रिसर्च के भूभौतिकीविद् डिट्रिच लैंग का कहना है, 'यह स्थिति एक खिंची हुई स्प्रिंग की तरह है—जितना अधिक समय तक यह तनाव में रहेगा, उतनी ही अधिक ऊर्जा जमा होगी और उतना ही बड़ा विनाशकारी भूकंप आएगा.'
विशेषज्ञों का कहना है कि 2030 तक 7+ तीव्रता के भूकंप की संभावना 60% से अधिक है. अगर 8 या 9 तीव्रता का भूकंप आता है, तो यह अरबों डॉलर के आर्थिक नुकसान के साथ लाखों लोगों की जान ले सकता है.
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