इटली इन दिनों दुनियाभर की नजरों में है. वहां G7 सम्मेलन चल रहा है. इस सम्मेलन में शरीक होने के लिए दुनियाभर के तमाम देशों के प्रतिनिधि पहुंचे हुए हैं. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इन दिनों इटली के ही दौरे पर हैं. इस दौरान इटली की संसद में कुछ ऐसा हुआ है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है. खुद इटली को इसके लिए शर्मशार होना पड़ रहा है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जो इटली की संसद का है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि संसद के अंदर इटली का झंडा लेकर आना एक सांसद को भारी पड़ गया और उसके साथ जमकर धक्का-मुक्की की गई.
मामला बुधवार का है. फाइव स्टार मूवमेंट (MS5) के डेप्युटी लियोनार्डो डोनो ने संसद में क्षेत्रीय मामलों के मंत्री रॉबर्टो कैलडेरोली के गले में इटली का झंडा बांधने की कोशिश की. दरअसल, इटली में कुछ क्षेत्रों को अतिरिक्त स्वायत्ता देने की कोशिशें की जा रही हैं और इसी को लेकर जमकर विवाद हो रहा है. जैसे ही डोनो संसद में खड़े रॉबर्टो के पास पहुंचे, रॉबर्टो के साथी सांसदों ने उन्हें घेर लिया और जमकर धक्का-मुक्की हुई. इस सब में डोनो को चोटें भी आई हैं.
बताया गया है कि धक्का-मुक्की के बाद डोनो की हालत यह हो गई उन्हें पहले व्हीलचेयर पर बिठाया गया और फिर अस्पताल भी ले जाना पड़ा. अब इसको लेकर स्थानीय मीडिया भी इटली के सांसदों की इस हरकत की आलोचना कर रहा है. प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली के नेताओं ने आरोप लगाए हैं कि डोनों ने ही इस पूरे मामले में उकसाने का काम किया और खुद ही अपनी चोट का नाटक भी किया.
NEW: Italian fistfight breaks out in parliament forcing one lawmaker to leave the building in a wheelchair.
— Collin Rugg (@CollinRugg) June 13, 2024
The incident took place over a vote on a new bill that would reportedly give Italy's regions greater autonomy.
Leonardo Donno, who opposed the bill, waved an… pic.twitter.com/ytOwie8BAt
वहीं, डोनो के ग्रुप MS5 ने इसे शर्मनाक और गंभीर हमला बताया है. इस मामले में विदेश मंत्री अंटोनियो तजानी ने कहा है कि सांसदों को खुद अच्छा आचरण दिखाना चाहिए और उदाहरण पेश करना चाहिए. उन्होंने कहा, 'यह चेंबर कोई बॉक्सिंग रिंग नहीं है. मुक्केबाजी और मारपीट से राजनीतिक मसले नहीं सुलझते हैं.' क्षेत्रों को ज्यादा स्वायत्तता देने के सवाल पर आलोचकों का कहना है कि इससे आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में जन सुविधाओं की कमी हो जाएगी.
इटली के लिए यह सब चिंताजनक इसलिए भी है कि इस समय वहां G7 सम्मेलन हो रहा है. दुनियाभर के कई बड़े देशों के नेता इटली में ही मौजूद हैं. खुद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इटली में हैं. वह कई देशों के प्रतिनिधियों से द्विपक्षीय वार्ता भी कर सकते हैं.