Israeli Health Ministry: धूम्रपान की वजह से हर साल विश्व भर में लाखों लोगों की जान जाती है. इसके बावजूद लगातार सिगरेट पीने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. इजरायल में ध्रूमपान की समस्या लगाातार बढ़ती जा रही है. इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक रिपोर्ट भी जारी की है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि धूम्रपान, जिसमें सिगरेट, ई-सिगरेट और हुक्का शामिल हैं, हर साल लगभग 8,000 लोगों की जान ले रहा है. इसमें 10 प्रतिशत लोग भी शामिल हैं, जो धूम्रपान नहीं करते, लेकिन धूम्रपान से निकलने वाले धुएं के संपर्क में आकर इससे प्रभावित होते हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायल में प्रतिदिन धूम्रपान करने वाले लोगों की संख्या 23 प्रतिशत है, जबकि ओईसीडी (OECD) का औसत लगभग 20 प्रतिशत है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 26 प्रतिशत वयस्कों को सेकंड-हैंड स्मोक (दूसरों का धूम्रपान) का सामना करना पड़ता है, जो कि कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है.
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि हर छह में से एक बच्चा और किशोर सिगरेट या ई-सिगरेट का प्रयोग कर चुका है, और इनका उपयोग बढ़ता जा रहा है. यह चिंता का विषय है क्योंकि बच्चों और किशोरों पर धूम्रपान के प्रभाव से उनकी सेहत पर दीर्घकालिक नकारात्मक असर हो सकता है.
स्वास्थ्य मंत्रालय की सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख, शारोन अलरोय प्राइस का कहना है, "धूम्रपान महामारी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बहुत बड़ा संकट बन चुकी है. ई-सिगरेट को सेहतमंद उत्पाद के रूप में देखा जाता है, लेकिन ये खासकर बच्चों और किशोरों के लिए खतरनाक हैं."
2023 में तंबाकू उत्पादों पर कर से राज्य को 8 बिलियन NIS की आय प्राप्त हुई, जिसमें से 6 बिलियन NIS आयातित सिगरेटों से आई. यह दर्शाता है कि तंबाकू उद्योग कितना बड़ा है और सरकार के लिए कितना महत्वपूर्ण है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय इसे नियंत्रित करने के लिए लगातार उपायों को बढ़ावा दे रहा है.
स्वास्थ्य मंत्री उरियल बुसो का कहना है कि मंत्रालय पूरी जनसंख्या, खासकर किशोरों, के लिए तंबाकू और निकोटीन उत्पादों की उपलब्धता पर नजर रखने और उन्हें नियंत्रित करने के उपायों को बढ़ावा दे रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि "हमारे सामने एक कठिन रास्ता है, क्योंकि तंबाकू कंपनियां और नए धूम्रपान उत्पादों के आयातक हर संभव तरीका अपना रहे हैं ताकि अपने उत्पादों को बाजार में पेश किया जा सके."