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India Daily

तेल की तस्करी से परेशान ईरान, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने फारस खाड़ी में दो विदेशी टैंकरों को किया जब्त, पकड़ा गया 30 लाख लीटर डीजल

ईरान, जहां भारी सब्सिडी और राष्ट्रीय मुद्रा के मूल्य में गिरावट के कारण ईंधन की कीमतें दुनिया में सबसे कम हैं. ऐसे में पड़ोसी देशों को जमीन के रास्ते और खाड़ी अरब देशों को समुद्र के रास्ते होने वाली ईंधन की तस्करी से लगातार जूझ रहा है.

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Edited By: Mayank Tiwari
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने फारस खाड़ी में दो विदेशी टैंकरों को किया जब्त
Courtesy: Social Media

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सोमवार (31 मार्च) को फारस खाड़ी में दो विदेशी टैंकरों को जब्त किया, जिनमें कथित तौर पर 3 मिलियन लीटर (792,516 अमेरिकी गैलन) डीजल ईंधन भरा हुआ था. ईरानी राज्य मीडिया ने इस खबर की पुष्टि की और बताया कि ये टैंकर ईंधन तस्करी में शामिल थे. ईरान का दावा है कि टैंकरों में डीजल की तस्करी की जा रही थी.

सरकारी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, "ये दो टैंकर, जिनमें 25 चालक दल के सदस्य थे, जोकि फारस खाड़ी के केंद्रीय जलक्षेत्र में संगठित तरीके से ईंधन तस्करी कर रहे थे और कुल मिलाकर 3 मिलियन लीटर से अधिक डीजल ईंधन ले जा रहे थे." हालांकि, मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी नहीं दी गई कि इन टैंकरों किस देश के थे और क्या चालक दल के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है.

टैंकरों को दूसरी जगह किया गया शिफ्ट

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इन टैंकरों को ईरान के बुशेहर बंदरगाह पर स्थानांतरित कर दिया गया है. इस बीच बुशेहर प्रांत के एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी मेहदी मेहरांगीज ने बताया कि यह जब्ती न्यायिक आदेश के तहत की गई थी.

ईरान में ईंधन तस्करी की समस्या

ईरान में दुनिया के सबसे सस्ते ईंधन मूल्य हैं, जो भारी सब्सिडी और राष्ट्रीय मुद्रा के मूल्य में गिरावट के कारण हैं. इसी वजह से ईरान में भूमि और समुद्र के रास्ते से ईंधन तस्करी एक बड़ी समस्या बन चुकी है. ईरान लगातार अपने पड़ोसी देशों और खाड़ी अरब देशों में तस्करी के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, ताकि इस अवैध व्यापार को रोका जा सके.

पिछले 2 सालों में ईरान ने जब्त किए 20 जहाज

हालांकि, ईरान इससे पहले भी कई बार फारस की खाड़ी में विदेशी जहाजों को तस्करी के आरोप में जब्त कर चुका है. एक अमेरिकी रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान पिछले 2 सालों के अंदर इलाके में 20 से ज्यादा जहाजों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई कर चुका है.