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India Daily

INS Kochi: मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स के CGS हुरवी को लेकर राजधानी माले पहुंचा INS कोच्चि, अधिकारीयों ने किया जोरदार स्वागत

भारतीय नौसेना का शक्तिशाली गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर INS कोच्चि 28 अप्रैल 2025 को मालदीव की राजधानी माले पहुंचा. यह जहाज मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स (एमएनडीएफ) के CGS हुरवी को लेकर आया.

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Edited By: Garima Singh
INS Kochi reached Maldives
Courtesy: X

INS Kochi reached Maldives: भारतीय नौसेना का शक्तिशाली गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर INS कोच्चि 28 अप्रैल 2025 को मालदीव की राजधानी माले पहुंचा. यह जहाज मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स (एमएनडीएफ) के CGS हुरवी को लेकर आया. जिसकी मरम्मत दिसंबर 2024 से अप्रैल 2025 तक मुंबई के नौसेना डॉकयार्ड में की गई. यह घटना भारत और मालदीव के बीच गहरे समुद्री और रणनीतिक सहयोग का प्रतीक है. 

माले के MNDF कोस्ट गार्ड जेटी पर आयोजित एक विशेष समारोह में मालदीव में भारत के उच्चायुक्त श्री जी. बालासुब्रमण्यम ने CGS हुरवी को एमएनडीएफ के रक्षा प्रमुख मेजर जनरल इब्राहिम हिल्मी को औपचारिक रूप से सौंपा. इस दौरान भारतीय उच्चायुक्त बालासुब्रमण्यम ने कहा, “INS कोच्चि की यह यात्रा भारत और मालदीव के बीच मजबूत समुद्री संबंधों को उजागर करती है और इस क्षेत्र में सुरक्षा, शांति और नौवहन की स्वतंत्रता के लिए भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता पर जोर देती है.” 

मालदीव में गर्मजोशी से स्वागत

मालदीव के अधिकारियों ने INS कोच्चि का स्वागत किया, जो दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण और ऐतिहासिक संबंधों का द्योतक है. जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन महेश सी. मौदगिल ने मेजर जनरल इब्राहिम हिल्मी और एमएनडीएफ कोस्ट गार्ड के कमांडेंट ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद सलीम से मुलाकात की. यह मुलाकात दोनों देशों के सैन्य नेतृत्व के बीच आपसी समझ और सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. 

द्विपक्षीय गतिविधियों का आयोजन

INS कोच्चि के माले में ठहराव के दौरान भारतीय नौसेना और MNDF के बीच कई गतिविधियों की योजना बनाई गई है. इनमें द्विपक्षीय बैठकें, क्रॉस-डेक विजिट और खेल आयोजन जैसे फुटबॉल और क्रिकेट मैच शामिल हैं. ये गतिविधियां दोनों देशों के सैनिकों के बीच सौहार्द और सहयोग को बढ़ावा देगी. 

INS कोच्चि भारतीय नौसेना की शान

INS कोच्चि को 30 सितंबर 2015 को कमीशन किया गया था और यह पश्चिमी नौसेना कमान के तहत मुंबई में स्थित भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े का हिस्सा है.  अपनी अत्याधुनिक तकनीक और युद्ध क्षमताओं के साथ, यह युद्धपोत भारतीय नौसेना की ताकत का प्रतीक है.