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नई रिसर्च में सामने आई जानकारी, डिस्पोजल कप भी प्लास्टिक कप जितने हानिकारक

पृथ्वी को प्रदूषण से बचाने के लिए हर रोज कई तरह के कार्यक्रम चलते हैं. हाल ही में हुई एक रिसर्च में कहा गया है कि हानिकारक केमिकल्स से बचने के लिए पेपर कप भी प्लास्टिक के कप जैसा ही नुकसान पहुंचाते हैं.

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Edited By: Shubhank Agnihotri
नई रिसर्च में सामने आई जानकारी, डिस्पोजल कप भी प्लास्टिक कप जितने हानिकारक

 

नई दिल्लीः पृथ्वी को प्रदूषण से बचाने के लिए हर रोज कई तरह के कार्यक्रम चलते हैं. प्लास्टिक के स्थान पर पेपर को यूज करने की बातें होती हैं. इनको लेकर कोई न कोई स्टडी आती रहती हैं. इसी दौरान एक रिसर्च में जानकारी सामने आई है जिसने सबको चौंका दिया है. इस रिसर्च में कहा गया कि हानिकारक केमिकल्स से बचने के लिए पेपर कप भी प्लास्टिक के कप जैसा ही नुकसान पहुंचाते हैं. इस रिसर्च में बताया गया है कि पेपर कप भी प्लास्टिक के कप की तरह जहरीले होते हैं.


लार्वा बुरी तरह हुआ प्रभावित 
स्वीडन में गोथेनबर्ग यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों ने तितली और मच्छर के लार्वा पर डिस्पोजल कप के प्रभाव का अध्ययन किया है.इस रिसर्च में यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर बेथानी कार्नी अल्मरोथ ने कहा कि हमने कुछ हफ्तों तक कागज के कप और प्लास्टिक के कप को पानी में छोड़ दिया. कुछ दिन बाद हमने पाया कि इनसे निकले रसायनों ने लार्वा को बुरी तरह से प्रभावित किया.

फूड पैकिंग में होती है कोटिंग
प्रोफेसर कार्नी ने बताया कि खाद्य पैकिंग के प्रोडक्ट्स पर प्लास्टिक की कोटिंग की जाती है. यह प्लास्टिक कागज को खराब होने से बचाता है. हालांकि प्लास्टिक फिल्म आमतौर पर पीएलए से बनी होती हैं जो एक तरीके से बायोप्लास्टिक है.

खाद्य श्रंखला में हो सकते हैं शामिल 
पर्यावरण प्रदूषित जर्नल में पब्लिश की गई स्टडी के मुताबिक, पीएलए को बायोडिग्रेडेबल योग्य माना जाता है. जिसका मतलब है कि यह ठीक परिस्थितियों में तेल आधारित प्लास्टिक की तुलना में जल्दी टूट सकता है. कार्नी ने कहा कि यह प्लास्टिक मनुष्य के खाद्य जाल में प्रवेश कर नुकसान पहुंचा सकता है. बायोप्लास्टिक कप में भी पारंपरिक प्लास्टिक जैसे हानिकारक केमिकल्स होते हैं जो शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं.

 

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