Pakistan: पाकिस्तान की खस्ता हालत किसी से छिपी नहीं है. कर्ज के सहारे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चलती है. पाक की शहबाज शरीफ सरकार ने देश की जनता से वादा किया है कि पाकिस्तान की इकॉनमी को खड़ी करेगी. लेकिन ये पाकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था को कैसे सुधारेगा? ये अपने आप में बड़ा सवाल है. क्योंकि देश को चलाने के लिए उसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के आगे हाथ फैलाना पड़ता है. पाकिस्तान को फिर से विदेशी फंडिंग की जरूरत पड़ गई है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सरकार के 100 दिन पूरे होने पर देश की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि IMF से मिलने वाला बेलआउट पैकेज पाकिस्तान के इतिहास का अंतिम राहत पैकेज होगा.
पाकिस्तान ने इस बार अपनी नीतियां आईएमएफ के अनुसार ही बनाई है. आईएमएफ ने कहा था कि जब पाकिस्तान उसके अनुसार नीतियां बनाएगा तभी वह पाकिस्तान को बेलआउट पैकेज जारी करेगा. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब भी किसी देश की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगती है तो अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) जैसी संस्थाएं बेलआउट पैकेज जारी करती हैं ताकि वह देश अपनी अर्थव्यवस्था को पटरी पर ला सके. वहीं एक नेशनल लेवल पर भी बेलआउट पैकेज जारी किया जाता है. जब देश के बैंकों की वित्तीय स्थिति खराब होने लगती है तो नेशनल लेवल पर बेलआउट पैकेज जारी किया जाता है ताकि देश की अर्थव्यवस्था को बूस्ट किया जा सके.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश की जनता से कहा कि वह अगले पांच सालों में गैर जरूरी खर्चों को कम करके देश के विकास पर फोकस करेंगे. युवाओं को बेहतर शिक्षा मुहैया कराने की कोशिश करेंगे. नई नीतियां बनाएं जिससे देश को फायदा हो. उन्होंने कहा कि इंशाअल्लाह यह पाकिस्तान के इतिहास का आखिरी बेलआउट पैकेज होने वाला है.
अपनी 100 दिन की सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि जब से वह सत्ता में आए हैं तब से महंगाई दर 38 फीसदी से कम होकर 12 फीसदी आ चुकी है.