गाजा में युद्धविराम पर नया मोड़, हमास ने स्वीकारा मध्यस्थों का प्रस्ताव, लेकिन नेतन्याहू ने रख दी ये शर्त
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इजरायल गाजा में अपनी सैन्य कार्रवाई को समाप्त करने के लिए तैयार है, बशर्ते हमास अपने हथियार डाल दे और क्षेत्र छोड़ दे.
हमास आतंकवादी समूह ने शनिवार को घोषणा की कि उसने मिस्र और कतर के मध्यस्थों द्वारा पेश किए गए गाजा युद्धविराम के नए प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. दूसरी ओर, इजरायल ने कहा कि उसने तीसरे मध्यस्थ, अमेरिका के साथ "पूर्ण समन्वय" में एक जवाबी प्रस्ताव रखा है. सप्ताह की शुरुआत में मिस्र ने इस युद्धविराम को पटरी पर लाने के लिए एक योजना पेश की थी, जिसके बाद इजरायल ने अचानक लड़ाई फिर शुरू कर दी. यह स्पष्ट नहीं है कि हमास के गाजा नेता खलील अल-हय्या द्वारा स्वीकृति की घोषणा से पहले प्रस्ताव में कोई बदलाव हुआ या नहीं.
मिस्र का प्रस्ताव और उसकी शर्तें
सप्ताह की शुरुआत में एक मिस्र अधिकारी ने द एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि हमास पांच जीवित बंधकों को रिहा करेगा, जिसमें एक अमेरिकी-इजरायली नागरिक भी शामिल है. इसके बदले इजरायल को गाजा में सहायता की अनुमति देनी होगी और कई हफ्तों तक लड़ाई रोकनी होगी. इजरायल सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा. यह जानकारी गोपनीय बातचीत के कारण गुमनाम रूप से दी गई.
क्या बोले नेतन्याहू
वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इजरायल गाजा में अपनी सैन्य कार्रवाई को समाप्त करने के लिए तैयार है, बशर्ते हमास अपने हथियार डाल दे और क्षेत्र छोड़ दे. उन्होंने यह भी वादा किया कि इसके बाद गाजा में सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और एक विशेष योजना को लागू करने का रास्ता खुलेगा.
गाजा में बढ़ता संकट
हमास ने कहा कि वह बंधकों को तभी रिहा करेगा जब फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई, स्थायी युद्धविराम और गाजा से इजरायली वापसी होगी. शनिवार को इजरायल ने गाजा के दक्षिणी शहर रफाह में जमीनी अभियान तेज कर दिया. इस बीच, तेल अवीव में बंधकों के परिवारों ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने नारा लगाया, "तुम्हारे युद्ध की कीमत बंधकों की जान है!" मृत बंधक इताय स्विरस्की की चचेरी बहन नामा वेनबर्ग ने कहा, "युद्ध हमारे बंधकों को वापस नहीं लाएगा, यह उन्हें मार डालेगा."
युद्ध की शुरुआत और विनाश
7 अक्टूबर, 2023 को हमास के इजरायल पर हमले से यह युद्ध शुरू हुआ, जिसमें 1,200 लोग मारे गए और 251 को अगवा किया गया. जवाबी कार्रवाई में इजरायल के हमलों से गाजा में 50,000 से अधिक मौतें हुईं, जिसमें नागरिक और लड़ाकों की संख्या अलग नहीं बताई गई.