Israel Hamas War: गुरुवार को हमास ने इजरायल को 4 बंधकों के शव सौंपे. इसके बदले इजरायल ने 100 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया. इस सौदे ने इजरायल को एक गहरा जख्म दिया है. इस समय इजरायली नागिरकों की आंखे बहुत ही नम है. इससे पहले बंधकों के शव सौंपे जाने की खबर पर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वीडियो शेयर कर दुख प्रकट किया था. उन्होंने कहा था कि यह इजरायल के बहुत ही दर्दभरा पल है. वीडियो संदेश में उनकी आंखें भी नम हो गई थी.
इजरायली बंधकों के शव और फिलिस्तीनी कैदियों के शव के आदान प्रदान की खबर की पुष्टी इजरायली पीएम ऑफिस की से की गई. नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा,"इजरायल ने रेड क्रॉस के माध्यम से अपने नागरिकों के चार शव प्राप्त किए हैं."
हमास ने जिन इजरायली नागरिकों के शव दिए हैं उनके नाम हैं, ओहद याहलोमी, त्साची ईदान, इत्ज़िक एलगराट और शलोमो मंसूर. इन चार शवों के बदले हमास ने इजरायल की जेल में बंद 100 कैदियों के रिहाई की मांग की थी जिन्हें बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार ने रिहा कर दिया है. इससे पहले इजरायल ने शनिवार को 600 फीलिस्तीनी कैदियों के रिहाई में देरी करने की बात कही थी और कहा था कि हमास ने इजरायली बंधकों को ठीक तरीके से नहीं रखा. उनके साथ जुल्म किया है. लेकिन हमास ने संघर्षविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी थी कि जब तक फीलिस्तीनी कैदियों की रिहाई नहीं होगी तब तक अगले चरण की बातचीत नहीं होगी.
वहीं, हमास द्वारा इजरायली बंधकों को सार्वजनिक रूप से दिखाने को रेड क्रॉस और संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने हामास द्वारा बंधकों को सार्वजनिक रूप से दिखाए जाने को अपमानजनक बताया.
संघर्षविराम के पहले चरण के तहत इजरायल ने 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया जबकि हमास ने 33 बंधकों को सौंपा, जिनमें 8 इजरायली नागरिकों के शव भी शामिल हैं.
अमेरिका, मिस्र और कतर की मध्यस्थता में हुआ संघर्षविराम 6 सप्ताह के लिए था, जो इस सप्ताह खत्म हो जाएगा. अमेरिका के मध्य पूर्व के विशेष दूत, स्टीव विटकोफ ने दोनों पक्षों से दूसरे चरण की बातचीत के लिए आगे बढ़ने को कहा है. इसमें बचे हुए इजरायली बंधकों की रिहाई और युद्ध समाप्त करने की चर्चा होने की बात कही.