menu-icon
India Daily

रूस से जंग लड़ बर्बाद हुए यूक्रेन के फिर से गरजेंगे टैंक, G7 देशों से मिलने जा रही है बड़ी मदद

Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जंग होते हुए दो साल से ज्यादा का समय बीत चुका है. यूक्रेन इस दौरान बार-बार मांग करता रहा कि युद्धक मोर्चे पर उसे रूस का सामना करने के लिए एडवांस सैन्य सहायता और आर्थिक सहायता की जरूरत है. पश्चिमी देश यूक्रेन की मांग को अनदेखा करते रहे, लेकिन अब जी7 देश 50 अरब डॉलर की सहायता देने पर सहमत हो गए हैं.

auth-image
Edited By: India Daily Live
G7
Courtesy: Social Media

Russia Ukraine War: साल 2022 में रूस और यूक्रेन के बीच जंग की  शुरुआत हुई थी. यह जंग तब से बदस्तूर जारी है.इस जंग में यूक्रेन की अर्थव्यवस्था बर्बाद हो गई. पश्चिमी देशों के कर्ज के तले वह दबा हुआ है. रूस से लड़ने के लिए वह पूरी तरह से अमेरिका के नेतृत्व वाले पश्चिमी देशों के समूह पर निर्भर है. वह लंबे समय से जंग के मोर्चे पर रूस का सामना करने के लिए सैन्य और आर्थिक सहायता की मांग कर रहा है.

इस बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की को बड़ी सफलता मिली है. जी 7 देश यूक्रेन को 50 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता देने के लिए सहमत हो गए हैं. जेलेंस्की भी इस समिट में भाग लेने के लिए इटली जा रहे हैं. इस दौरान यूक्रेनी राष्ट्रपति की जो बाइडन से मुलाकात की भी संभावना है.  

यूरोपीय संघ का फैसला

रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन को यह सहायता रूस की जब्त की गई संपत्तियों के बदले में दी जाएगी. फ्रांस के प्रेसिडेंट हाउस ने इस बारे में जानकारी दी है. कहा जा रहा है कि जी 7 शिखर सम्मलेन की शुरुआत होने से पहले ही सदस्य देशों के बीच एक समझौता हो गया है. यह रकम रूस के केंद्रीय बैंक की फ्रीज की गई परिसंपत्तियों के आधार पर दी जाएगी. गौरतलब है कि यह कदम यूरोपीय संघ के उस फैसले के बाद उठाया गया है जिसमें कहा गया कि रूस की जब्त परिसंपत्तियों से होने वाले लाभ का प्रयोग यूक्रेन की सहायता करने में किया जा सकता है. 

रूसी संपत्ति से मदद 

जी 7 देशों की बैठक का एक प्रमुख मुद्दा यूक्रेन की सहायता करना है.दी जा रही मदद को किस तरह लागू किया जाएगा. इस बारे में अभी जानकारी नहीं है. कहा जा रहा है कि इस साल के अंत तक यूक्रेन को इस आर्थिक सहायता का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन को मिलने वाली मदद की अधिकांश राशि अमेरिकी सरकार की ओर से मुहैया कराई जाएगी. इसमें करोड़ों डॉलर की वो राशि भी शामिल है जो रूसी संपत्तियों को जब्त करने के बाद हासिल किया गया है.

सम्बंधित खबर