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India Daily

फ्रांस के राष्ट्रपति की सबसे बड़ी विरोधी नेता मरीन ले पेन को 4 साल की सजा, चुनाव लड़ने पर 5 साल तक रोक, जानें क्यों?

मरीन ले पेन का यह कानूनी संकट न केवल उनके राजनीतिक भविष्य को प्रभावित कर सकता है, बल्कि फ्रांस की राजनीति में दक्षिणपंथी दलों के लिए भी एक बड़ा झटका हो सकता है. हालांकि, ये साफ है कि मरीन ले पेन और उनके समर्थकों का इस फैसले को लेकर विरोध जारी रहेगा.

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Edited By: Mayank Tiwari
फ्रांस ने मरीन ले पेन को दो साल की जेल की सजा सुनाई
Courtesy: Social Media

फ्रांस की एक अदालत ने दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन को पांच साल के लिए चुनाव लड़ने से बैन कर दिया है, जिससे 2027 में राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की उनकी योजना पर संकट खड़ा हो गया है. अदालत ने उन्हें चार साल की जेल की सजा भी सुनाई है, जो इलेक्ट्रॉनिक टैग के साथ पूरी की जाएगी. इस फैसले के बाद, उनके समर्थकों और दक्षिणपंथी नेताओं द्वारा तीव्र आलोचनाएं आई हैं.

यूरोपीय संसद के खर्चों का गलत इस्तेमाल

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मरीन ले पेन और उनके राष्ट्रीय मोर्चा पार्टी के नौ प्रमुख सदस्यों को दोषी ठहराया गया है. आरोप था कि उन्होंने यूरोपीय संसद के खर्चों का गलत इस्तेमाल करते हुए ऐसे सहायक नियुक्त किए थे, जो वास्तव में पार्टी के लिए काम कर रहे थे. अदालत के अनुसार, यह धोखाधड़ी 2.9 मिलियन यूरो के कीमत की थी. इसके साथ ही, 12 सहायक भी इस अपराध में शामिल पाए गए और उन्हें अपराध छिपाने का दोषी ठहराया गया.

तात्कालिक प्रभाव से चुनावी प्रतिबंध

अदालत ने मरीन ले पेन और उनके पार्टी के अन्य सभी अधिकारियों को चुनावी प्रतिबंधित कर दिया है. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू होगा, चाहे वे अपील करें या नहीं. यह फैसला मरीन ले पेन के 2027 के राष्ट्रपति चुनाव में भाग लेने की संभावना को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है.

मरीन ले पेन का दावा: 'मैं निर्दोष हूं'

मरीन ले पेन, जो पहले भी तीन बार राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार रह चुकी हैं, उन्होंने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है. अपने खिलाफ फैसले की घोषणा के बाद, वह अदालत कक्ष से बाहर चली गईं. 

राष्ट्रीय मोर्चे का विरोध: 'यह अन्याय है'

राष्ट्रीय मोर्चा (RN) पार्टी के नेता, जॉर्डन बारडेला ने ट्विटर पर इस फैसले को "अमान्य" करार दिया. उन्होंने कहा, "मरीन ले पेन को अन्यायपूर्ण सजा दी गई है और फ्रांसीसी लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है.