न्यूयॉर्क के माउंट सीनाई अस्पताल में काम करने वाली एक डॉक्टर को सोशल मीडिया पर विवादास्पद पोस्ट लिखने के कारण नौकरी से निकाल दिया गया. डॉक्टर का नाम लिला अबासी है, और वह अस्पताल में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थीं. यह घटना तब सामने आई जब उन्होंने हमास और हिजबुल्लाह के समर्थन में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट की थी.
विवादित पोस्ट पर मचा बवाल
लिला अबासी ने सोशल मीडिया पर लिखा था, "हमास और हिजबुल्लाह जिंदाबाद," जो तुरंत ही विवाद का कारण बन गया. उनके इस पोस्ट में उन्होंने इन आतंकवादी संगठनों को "स्वतंत्रता सेनानी" के रूप में सराहा. इसके अलावा, उन्होंने इजरायल के खिलाफ नफरत फैलाने वाली बातें की और कई झूठे आरोप लगाए, जैसे कि इजरायल द्वारा बच्चों की हत्या और बलात्कार की घटनाओं को झूठा करार दिया. उन्होंने एक डॉक्टरों के फेसबुक ग्रुप में यह भी लिखा कि "बलात्कार का असली वीडियो दिखाओ," जो और भी अधिक विवादास्पद था.
इस पोस्ट के बाद, स्थानीय अधिकारियों और समाज के विभिन्न वर्गों से आलोचनाएं आने लगीं. ब्रुकलिन की सिटी काउंसिल की सदस्य, इन्ना वर्निकोव ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी और अस्पताल से कार्रवाई करने की मांग की. उनका कहना था कि डॉक्टर का सोशल मीडिया अकाउंट हटाना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि इससे यह स्पष्ट नहीं होता कि उनका आतंकवादियों के प्रति समर्थन कम हुआ है.
जांच के बाद नौकरी से निकाला
माउंट सीनाई अस्पताल ने इस मामले की गहरी जांच की और बाद में डॉक्टर लिला अबासी को उनके पद से बर्खास्त कर दिया. अस्पताल की प्रवक्ता ने बताया कि अबासी के पोस्ट्स और उनके विचारों ने अस्पताल की नीति और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाया. अस्पताल ने यह कदम इस बात को ध्यान में रखते हुए उठाया कि डॉक्टर का आचरण पेशेवर मानकों के अनुरूप नहीं था.