रोम में राष्ट्रपति की रेस में सबसे आगे चल रहे जॉर्जेस्कू की गिरफ्तारी पर भड़के मस्क, कहा- यह गड़बड़ है

रोमानियाई अभियोजकों ने बुधवार को घोषणा की कि उन्होंने पिछले साल के रद्द किए गए राष्ट्रपति चुनाव में सबसे आगे रहने वाले कैलिन जॉर्जेस्कू के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू की है.

रोमानियाई सरकार द्वारा राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार कैलिन जॉर्जेस्कू की गिरफ्तारी पर तकनीकी और अंतरराष्ट्रीय विवाद खड़ा हो गया है. दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क ने उनकी गिरफ्तारी पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है और इसे "गड़बड़" करार दिया है. मस्क ने ट्वीट कर कहा, "उन्होंने उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है जिसने रोमानियाई राष्ट्रपति चुनाव में सबसे ज्यादा वोट हासिल किए. यह गड़बड़ है."

क्यों हुई जॉर्जेस्कू की गिरफ्तारी
रोमानियाई अभियोजकों ने बुधवार को घोषणा की कि उन्होंने पिछले साल के रद्द किए गए राष्ट्रपति चुनाव में सबसे आगे रहने वाले कैलिन जॉर्जेस्कू के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू की है. जॉर्जेस्कू को इस मामले में सवाल-जवाब के लिए हिरासत में लिया गया था. अभियोजकों का कहना है कि वे जॉर्जेस्कू पर कई गंभीर आरोप लगा रहे हैं, जिनमें एक नफरत फैलाने वाली संगठन का गठन, युद्ध अपराधियों और फासीवादी संगठनों का प्रचार, अवैध रूप से हथियारों का कब्जा और चुनाव प्रचार के वित्तीय स्रोतों के बारे में झूठी जानकारी फैलाने के आरोप शामिल हैं.

रोमानियाई सरकार की जांच और छापेमारी
इसके अलावा अभियोजकों ने यह भी बताया कि जॉर्जेस्कू और उससे जुड़े व्यक्तियों और संगठनों से संबंधित 47 स्थानों पर छापेमारी की गई. इस छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार और गुप्त नकद राशि बरामद की गई. इनमें से एक व्यक्ति जो छापेमारी में शामिल था, वह हॉराटियु पोट्रा था, जो फ्रांसीसी विदेशी सेना का पूर्व सदस्य और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में एक सैन्य ठेकेदार था. पोट्रा की सुरक्षा कंपनी जॉर्जेस्कू के लिए बॉडीगार्ड्स प्रदान करती थी.

मस्क की आलोचना
 मस्क ने इस गिरफ्तारी पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के खिलाफ बताया. मस्क ने कहा कि जॉर्जेस्कू जैसे उम्मीदवार को जिनके पास जनता का समर्थन था, इस तरह से गिरफ्तार करना लोकतंत्र की प्रक्रिया को बाधित करना है. उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है कि क्या यह गिरफ्तारी राजनीतिक कारणों से की गई है या फिर इसे कानूनी तरीके से जांचा जाना चाहिए.