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'सुना है भारत टैरिफ हटा रहा है', 2 अप्रैल से कुछ घंटे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने क्यों ली इंडिया की चुटकी?

Donald Trump Tariff India: 2 अप्रैल से अमेरिका का टैरिफ दुनिया के कई देशों को तंग करने वाला है. इसकी चपेट में भारत भी आएगा.

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Edited By: Gyanendra Tiwari
Donald Trump says Heard That India Will Be Dropping Tariffs
Courtesy: Social Media

Donald Trump Tariff India: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने सुना है कि भारत अमेरिकी सामानों पर अपने टैरिफ़ (आयात शुल्क) को “काफी हद तक” घटाने जा रहा है. उन्होंने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “मैंने सुना है कि भारत अपने टैरिफ को बहुत कम करने जा रहा है. मैंने कहा, इसे पहले क्यों नहीं किया गया? बहुत से देश अपने टैरिफ कम करने जा रहे हैं.”

ट्रंप ने अमेरिकी सहयोगियों द्वारा चीन की ओर बढ़ने के बारे में उठाई गई चिंताओं को नकारते हुए कहा कि वह इस बारे में “बिलकुल भी चिंतित नहीं हैं.” उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि उन्हें टैरिफ से वास्तव में फायदा हो सकता है. कुछ तरीकों से यह उन्हें मदद कर सकता है. कई सहयोगी अपने खुद के टैरिफ घटा सकते हैं, क्योंकि उन्होंने वर्षों तक अमेरिका पर असमान व्यापार बाधाएं लगाई हैं.”

अमेरिकी आर्थिक नीति और भविष्य की घोषणाएं

ट्रंप ने कहा कि उनकी प्रशासन अगले दो दिनों में कुछ “बड़े कदम” उठाने वाला है, जो अमेरिका को आर्थिक दृष्टि से बहुत लाभ पहुंचाएंगे. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा,  “यह कुछ ऐसा होगा जो देश में काफी समृद्धि लेकर आएगा. दूसरे देशों को यह समझ में आ रहा है क्योंकि वे पिछले 50 सालों से, या उससे भी ज्यादा, अमेरिका से ज्यादा फायदा ले रहे थे."

उन्होंने अमेरिका के लिए इस बदलाव को “देश का पुनर्जन्म” बताया और कहा, “मैं इसे कई नामों से बुलाता हूं, लेकिन यह सच में एक तरह से देश का पुनः जन्म है क्योंकि हम जो कुछ भी कर सके, वह हमने किया, और वे (दूसरे देश) हमारी मदद नहीं कर रहे थे.” ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका पर 36 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज होने का कारण है और यह “लंबे समय में जमा हुआ है.”

आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा बड़ा बदलाव

अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, “जो कुछ आप अगले कुछ दिनों में देखेंगे, वह बहुत प्रेरणादायक होगा.” उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के कई ऑटो प्लांट्स को कुछ अन्य देशों में स्थापित किया गया था, लेकिन अब इस बदलाव से अमेरिकी उद्योग में नया जीवन मिलेगा.