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सरकारी खर्च में कटौती के लिए ट्रंप का बड़ा फैसला, WTO की फंडिंग पर लगाई रोक

4 मार्च को हुई डब्ल्यूटीओ बजट बैठक में अमेरिकी प्रतिनिधि ने कहा कि 2024 और 2025 के बजट के लिए भुगतान अंतरराष्ट्रीय संगठनों में योगदान की समीक्षा के कारण रुका हुआ है. दो सूत्रों ने बताया कि अमेरिका इस समीक्षा के नतीजे की जानकारी बाद में देगा.

Imran Khan claims

अमेरिका ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) को अपने योगदान पर रोक लगा दी है. तीन व्यापार सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने सरकारी खर्च में कटौती के प्रयास तेज कर दिए हैं. ट्रंप प्रशासन उन वैश्विक संस्थाओं से पीछे हट रहा है, जिन्हें वह अपनी "अमेरिका पहले" आर्थिक नीतियों के खिलाफ मानता है. इसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसे कुछ संगठनों से बाहर निकलने और अन्य में योगदान कम करने की योजना शामिल है.

WTO की फंडिंग पर संकट
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने 2019 में ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान डब्ल्यूटीओ की शीर्ष अपील अदालत में नए जजों की नियुक्ति को रोककर संगठन को पहले ही कमजोर कर दिया था. इससे इसका विवाद निपटान तंत्र आंशिक रूप से ठप हो गया था. वाशिंगटन ने डब्ल्यूटीओ अपीलीय निकाय पर व्यापार विवादों में न्यायिक अतिरेक का आरोप लगाया था. जेनेवा स्थित इस व्यापार निगरानी संगठन का 2024 का वार्षिक बजट 205 मिलियन स्विस फ्रैंक ($232.06 मिलियन) था. सार्वजनिक डब्ल्यूटीओ दस्तावेजों के अनुसार, वैश्विक व्यापार में अपनी हिस्सेदारी के आधार पर अमेरिका को इसका लगभग 11% योगदान देना था.

अमेरिका की घोषणा और डब्ल्यूटीओ की तैयारी
4 मार्च को हुई डब्ल्यूटीओ बजट बैठक में अमेरिकी प्रतिनिधि ने कहा कि 2024 और 2025 के बजट के लिए भुगतान अंतरराष्ट्रीय संगठनों में योगदान की समीक्षा के कारण रुका हुआ है. दो सूत्रों ने बताया कि अमेरिका इस समीक्षा के नतीजे की जानकारी बाद में देगा. एक तीसरे सूत्र ने पुष्टि की कि डब्ल्यूटीओ लंबे समय तक फंडिंग रुकने की स्थिति में "प्लान बी" तैयार कर रहा है. बैठक निजी थी और फंडिंग रोक की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, इसलिए सूत्रों ने गोपनीयता मांगी. व्हाइट हाउस और जेनेवा में डब्ल्यूटीओ के अमेरिकी मिशन ने तत्काल कोई जवाब नहीं दिया.

WTO पर असर और बकाया
डब्ल्यूटीओ प्रवक्ता इस्माइला डिएंग ने कहा, "आम तौर पर, बकाया संगठन के सचिवालय की परिचालन क्षमता को प्रभावित कर सकता है. लेकिन सचिवालय अपने संसाधनों का विवेकपूर्ण प्रबंधन कर रहा है और बकाया के कारण वित्तीय सीमाओं में काम करने की योजना बना रहा है." 21 फरवरी को जारी एक गोपनीय डब्ल्यूटीओ दस्तावेज के अनुसार, दिसंबर 2024 तक अमेरिका पर 22.7 मिलियन स्विस फ्रैंक ($25.70 मिलियन) का बकाया था. डब्ल्यूटीओ नियमों के तहत, एक साल से अधिक समय तक बकाया न चुकाने वाले सदस्य पर "प्रशासनिक उपाय" लागू होते हैं. अमेरिका अब "श्रेणी 1 बकाया" में है, जिसका मतलब है कि इसके प्रतिनिधि डब्ल्यूटीओ निकायों की अध्यक्षता नहीं कर सकते और औपचारिक दस्तावेज नहीं पा सकते.

अन्य देशों की स्थिति
डिएंग ने पुष्टि की कि बजट समिति के अध्यक्ष ने सदस्यों को बताया कि अमेरिका "श्रेणी 1 बकाया" में है. दस्तावेज में बोलीविया, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, जिबूती, गैबॉन और गाम्बिया भी इस श्रेणी में हैं. कुल 38.4 मिलियन स्विस फ्रैंक ($43.47 मिलियन) का बकाया बचा है.

India Daily