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हेलिकॉप्टर क्रैश में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की मौत, अब कौन लेगा उनकी जगह?

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के गायब हेलिकॉप्टर को खोज लिया गया है. हेलिकॉप्टर का मलबा अजरबैजान की पहाड़ियों पर मिला. इस हादसे में इब्राहिम रईसी की मौत हो गई है.

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Edited By: India Daily Live
ebrahim raisi

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के गायब हेलिकॉप्टर को खोज लिया गया है. हेलिकॉप्टर का मलबा अजरबैजान की पहाड़ियों पर मिल गया है. इसमें सवार राष्ट्रपति रईसी और ईरान के विदेश मंत्री होसैन अमीराब्दुल्लाहियन नहीं मिले हैं. ईरान के अधिकारियों ने कहा कि इब्राहिम रईसी और साथ हेलिकॉप्टर में मौजूद विदेश मंत्री होसैन अमीराब्दुल्लाहियन की भी मौत हो गई है. क्रैश साइट से तस्वीरें सामने आई हैं, उसे देखकर इस हादसे में किसी के बचनी की उम्मीद बहुत कम ही है. 

हेलिकॉप्टर क्रैश में ईरानी राष्ट्रपति रईसी समेत सभी के मारे गए हैं. हादसे वाली जगह पर हेलिकॉप्टर का मलबा मिला है.  राष्ट्रपति  इब्राहिम रईसी का हेलिकॉप्टर रिववार शाम में लापता हो गया था. तब से इसे खोजने के लिए कई रेस्क्यू टीमें लगी हुई थी. 

आपातकाल बैठक जारी

इधर जब से राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी का हेलिकॉप्टर गायब हुआ. देश के शीर्ष नेताओं की आपातकाल बैठक जारी है. इस बैठके में आगे की रणनीति पर चर्चा चल रही है. ईरानी मीडिया के अनुसार यदि कोई अनहोनी होती है तो ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद मोखबर देजफुली राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की जगह ले सकते हैं. 

कौन बनेगा अगला राष्ट्रपति? 

मोहम्मद मोखबर देजफुली को राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी का करीबी बताया जाता है. मोहम्मद मोखबर ने वर्षों तक अयातुल्ला अली खामेनेई के आदेश पर बने फाउंडेशन को लीड किया है. वो ईरान के दूसरे सबसे ताकतवर नेता है. मोहम्मद मोखबर का जन्म 1955 में हुआ था. उनके पास दो डॉक्टरेट डिग्रियां हैं, जिनमें अंतर्राष्ट्रीय अधिकारों में एक डॉक्टरेट अकादमिक पेपर (और एक एमए) शामिल है. साथ ही प्रबंधन में डॉक्टरेट की डिग्री भी है. 

कट्टरपंथी नेता में शुमार

मोहम्मद मोखबर देजफुली को 2010 में अमेरिका ने बैन कर दिया था. उन्हें परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल बनाने में कथित शामिल होने के कारण बैन किया गया था. हालांकि दो साल बाद मोखबर को बैन की सूची से हटा दिया था. इब्राहिम रईसी की तरह ही मोहम्मद मोखबर भी कट्टरपंथी नेता हैं. बता दें कि देश में 50 दिनों के भीतर चुनाव कराना होगा. इसके बाद ईरान को नया राष्ट्रपति मिल जाएगा.