Bangladesh: बांग्लादेश में क्राइम बहुत ही ज्यादा बढ़ गया है. इसमें लगातार वृद्धि हो रही है. लेकिन सरकार हाथ पर हाथ रखे बैठी है. पड़ोसी देश में बढ़ते क्राइम को लेकर बांग्लादेश के सेना प्रमुख ने मंगलवार को एक बयान जारा किया है. उन्होंने आंतरिक संघर्ष को बिगड़ते कानून-व्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराया और चेतावनी दी कि अगस्त में सरकार गिराने वाले छात्र नेतृत्व वाले आंदोलन की उपलब्धियां हैं वह खतरे में पड़ सकती है.
बांग्लादेश में हिंसक अपराधों की संख्या लगातार बढ़ रही है. सुरक्षाबलों ने पिछले महीनों हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया था. कथित तौर पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि उन लोगों को निशाना बनाकर गिरफ्तार किया जा रहा है जो पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी से जुड़े हुए हैं.
बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान ने बिना किसी का नाम लिए कहा, "अगर आप अपनी आपसी भिन्नताओं को पार नहीं कर सकते और आपस में लड़ते रहते हैं, तो देश की स्वतंत्रता और अखंडता खतरे में पड़ सकती है. मैं आपको चेतावनी दे रहा हूं."
उन्होंने आगे कहा कि सभी पक्ष एक दूसरे पर आरोप मढ़ रहे हैं. लेकिन इसका फायदा अपराधी उठा रहे हैं. उन्हें लगता है कि वह कुछ भी कर सकते हैं और आसानी से बच सकते हैं.
इस महीने बांग्लादेश में अपराधों की संख्या में भारी वृद्धि देखने को मिली है. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से जुड़ी हुई चीजों की तोड़फोन करने के दौरान भी प्रदर्शन हुए. पिछले सप्ताह एक विश्वविद्यालय के परिसर के अंदर ही दो छात्र गुट आपस में भिड़ गए. यह छात्र गुट शेख हसीना के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में भी शामिल था.
शेख हसीना के समर्थकों की हो रही गिरफ्तारी?
बढ़ते क्राइम को देखते हुए इस पर लगाम लगाने के लिए सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन डेविल हंट के तहत 8600 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है. इन लोगों पर आरोप है कि यह हसीना के समर्थक हैं और इनकी गतिविधियों की वजह से देश में अस्थिरता है.
जनरल ल वाकर-उज़-जमान ने कहा, हमने देश में जो अराजकता देखी है. उसके जिम्मेदार हम खुद हैं.
5 अगस्त को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस्तीफा देखकर देश छोड़ दिया था और भारत आकर शरण ली थी. इसके बाद बेल पुरस्कार विजेता माइक्रोफाइनेंस पायनियर मुहम्मद युनुस देश के अंतरिम सरकार के प्रमुख बनाए गए थे. ऐसे में एक सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर बंग्लादेश में बढ़ रहे हिंसात्मक प्रदर्शन करने वाले गुंडे क्या खुले आम घूम रहे हैं?