गाजा में लगा लाशों का ढेर, रात भर हुई इजरायल की बमबारी में 85 की मौत, 592 पहुंची मृतकों की संख्या

जनवरी के संघर्षविराम के बाद लाखों फलस्तीनी अपने घरों को लौट आए थे, लेकिन मंगलवार से शुरू हुई हिंसा ने फिर से सब कुछ बदल दिया. इजरायल ने हमास पर एक नए प्रस्ताव को ठुकराने का आरोप लगाया, जिसके बाद यह संघर्ष फिर से भड़क उठा. मंगलवार को हुए हमलों में 400 से ज्यादा फलस्तीनी मारे गए, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे.

Imran Khan claims

गाजा पट्टी में गुरुवार की सुबह तक चली इजरायली हवाई हमलों ने कम से कम 85 फलस्तीनियों की जान ले ली. स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, ये हमले कई घरों पर तब किए गए जब लोग सो रहे थे. मरने वालों में पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. इस ताजा हिंसा के साथ, मंगलवार से शुरू हुए हमलों में मृतकों की कुल संख्या 592 तक पहुंच गई है.

इजरायल का दावा और गाजा से जवाबी हमला
इजरायली सेना ने दावा किया कि ये हवाई हमले आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किए गए थे. गुरुवार को सेना ने यह भी बताया कि गाजा से दागे गए "प्रोजेक्टाइल्स" ने मध्य इजरायल में हवाई हमले की चेतावनी सायरन बजने का कारण बना. यह मंगलवार को संघर्षविराम टूटने के बाद गाजा से पहला रॉकेट हमला माना जा रहा है. इजरायल ने मंगलवार को भारी बमबारी फिर से शुरू की थी, जिसने जनवरी में हुए संघर्षविराम को खत्म कर दिया.

उत्तरी गाजा पर नाकाबंदी और जमीनी कार्रवाई
इजरायली सेना ने उत्तरी गाजा, जिसमें गाजा शहर भी शामिल है, पर फिर से नाकाबंदी लागू कर दी है. निवासियों को मुख्य राजमार्ग का इस्तेमाल करने से मना किया गया है और केवल तटीय सड़क के जरिए दक्षिण की ओर जाने की इजाजत दी गई है. इसके साथ ही, उत्तरी गाजा के तबाह हो चुके शहर बैत लाहिया के पास एक नई जमीनी कार्रवाई शुरू की गई है. पिछले 24 घंटों में यहां दर्जनों लोगों की मौत हुई है. जनवरी के संघर्षविराम के बाद लाखों फलस्तीनी अपने घरों को लौट आए थे, लेकिन मंगलवार से शुरू हुई हिंसा ने फिर से सब कुछ बदल दिया. इजरायल ने हमास पर एक नए प्रस्ताव को ठुकराने का आरोप लगाया, जिसके बाद यह संघर्ष फिर से भड़क उठा. मंगलवार को हुए हमलों में 400 से ज्यादा फलस्तीनी मारे गए, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे.

यमन से मिसाइल हमला
गुरुवार तड़के एक अलग घटना में, इजरायली सेना ने यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा दागी गई एक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया. यह मिसाइल इजरायली हवाई क्षेत्र में पहुंचने से पहले रोकी गई. यरुशलम में हवाई हमले के सायरन और विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं. यह इस सप्ताह दूसरा ऐसा हमला था, जब अमेरिका ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ हवाई हमले किए थे.

अबासन अल-कबीरा में दर्दनाक हादसा
गुरुवार सुबह गाजा में हुए एक हमले ने इजरायल की सीमा के पास बसे गांव अबासन अल-कबीरा में एक घर को निशाना बनाया. इस हमले में कम से कम 16 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे. मृतकों में एक पिता और उसके सात बच्चे शामिल थे. इस हमले में एक महीने की नवजात बच्ची अपने दादा-दादी के साथ बच गई. स्थानीय यूरोपियन अस्पताल में शवों को लाया गया, जहां बचावकर्मी मलबे में और जीवित लोगों की तलाश कर रहे थे. बचावकर्मी हानी अवाद ने घटनास्थल का वर्णन करते हुए कहा, "यह एक और मुश्किल रात थी. घर लोगों के सिर पर ढह गया."

इजरायल का पक्ष
इजरायली सेना ने कहा कि उसने गाजा में दर्जनों आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया. सेना का दावा है कि इन हमलों में कई लड़ाकों और सैन्य ढांचों को नष्ट किया गया. हालांकि, स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों में बड़ी संख्या में आम नागरिकों की जान गई है.

बढ़ता संकट
यह ताजा हिंसा गाजा में पहले से मौजूद मानवीय संकट को और गहरा रही है. मंगलवार से शुरू हुए हमलों ने सैकड़ों परिवारों को फिर से बेघर कर दिया है. उत्तरी गाजा में नाकाबंदी और जमीनी कार्रवाई ने हालात को और मुश्किल बना दिया है. इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय से संघर्ष को रोकने की अपीलें तेज हो रही हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है.

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