Nagpur Violence Update: नागपुर में 16 मार्च 2025 को हुई हिंसा के मुख्य आरोपी फहीम शमीम खान के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. हिंसा भड़काने के आरोपी फहीम खान के संजयबाग कॉलोनी स्थित घर पर बुलडोजर चला दिया गया, जिसमें उसके अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया.
बता दें कि नागपुर प्रशासन ने फहीम खान के घर पर हुए अवैध निर्माण को गिराने की कार्रवाई की. इससे पहले उसे नोटिस भेजा गया था, लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला, तो प्रशासन ने कार्रवाई को अंजाम दिया. इसके अलावा, फहीम के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है, क्योंकि उसने अपने भड़काऊ भाषणों से हिंसा को बढ़ावा दिया था.
VIDEO | Maharashtra: Civic authorities demolish the illegal portions of a house of Fahim Khan, a key accused in the Nagpur violence who has been booked for sedition, after he failed to remove the unauthorised structure.#NagpurViolence #NagpurNews
— Press Trust of India (@PTI_News) March 24, 2025
(Full video available on PTI… pic.twitter.com/mpqox3MQ1L
#WATCH | Maharashtra: Police in Nagpur arrive at the residence of Nagpur violence accused Faheem Khan, with a bulldozer. pic.twitter.com/pJenvIVcZu
— ANI (@ANI) March 24, 2025
नागपुर हिंसा के पीछे फहीम का हाथ
वहीं, पुलिस जांच में यह सामने आया है कि फहीम खान ने ही भीड़ जुटाई थी और भड़काऊ भाषण देकर लोगों को उकसाया. उसके उकसावे पर पूरे इलाके में दंगा भड़क उठा. हिंसा के दौरान दुकानों में तोड़फोड़, गाड़ियों को आग के हवाले करना और जमकर पत्थरबाजी जैसी घटनाएं हुईं, जिनमें कई लोग घायल हो गए.
#WATCH | Maharashtra: House of Nagpur violence accused Faheem Khan being demolished in Nagpur. Police personnel are present at the spot. pic.twitter.com/RKzAFCokED
— ANI (@ANI) March 24, 2025
अफवाह से भड़की थी हिंसा
नागपुर में हिंसा एक अफवाह के चलते भड़की थी. अफवाह यह थी कि औरंगजेब की कब्र को हटाने का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने मुस्लिम धर्मग्रंथ को जलाया है. इस खबर के फैलते ही तनाव बढ़ गया और हिंसा भड़क उठी.
2024 में लड़ चुका है चुनाव
बताते चले कि फहीम खान माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) से जुड़ा है और 2024 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ चुनाव भी लड़ चुका है. हालांकि, चुनाव में उसे करारी हार का सामना करना पड़ा था.
प्रशासन की सख्ती जारी
सरकार और प्रशासन ने साफ कर दिया है कि हिंसा फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. नागपुर में हुए दंगों के दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और प्रशासन किसी भी तरह की अराजकता को बर्दाश्त नहीं करेगा.