PM Modi Russia Tour Agenda: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस और ऑस्ट्रिया की दो देशों की यात्रा पर आज रवाना हो गए. उन्होंने कहा कि दोनों देशों की यात्रा भारत के लिए इन देशों के साथ संबंधों को गहरा करने का अवसर प्रदान करेगी. पीएम मोदी ने कहा कि अगले तीन दिनों में, मैं रूस और ऑस्ट्रिया में रहूंगा. ये यात्राएं इन देशों के साथ संबंधों को गहरा करने का एक शानदार अवसर होगा, जिनके साथ भारत की मित्रता है. मैं इन देशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के साथ बातचीत करने के लिए भी उत्सुक हूं.
पीएम मोदी ने कहा कि मैं अपने मित्र राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा करने, विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर नजरिया शेयर करने के लिए उत्सुक हूं. हम एक शांतिपूर्ण और स्थिर क्षेत्र के लिए एक सहायक भूमिका निभाना चाहते हैं. ये यात्रा मुझे रूस में भारतीय समुदाय से मिलने का अवसर भी प्रदान करेगी.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी पिछले दस वर्षों में आगे बढ़ी है, जिसमें ऊर्जा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन और लोगों के बीच आदान-प्रदान के क्षेत्र शामिल हैं. रूस के बाद प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रिया के लिए रवाना होंगे. 40 सालों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की ओर से ऑस्ट्रिया की ये पहली यात्रा होगी.
यात्रा के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑस्ट्रिया में मुझे राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वान डेर बेलन और चांसलर कार्ल नेहमर से मिलने का अवसर मिलेगा. ऑस्ट्रिया हमारा दृढ़ और विश्वसनीय भागीदार है और हम लोकतंत्र और बहुलवाद के आदर्शों को शेयर करते हैं. मैं इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और लगातार हो रहे विकास के नए और उभरते क्षेत्रों में हमारी साझेदारी को और भी अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अपनी चर्चाओं की प्रतीक्षा कर रहा हूं.
ऑस्ट्रियाई चांसलर के साथ, मैं पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार और निवेश के अवसरों का पता लगाने के लिए दोनों पक्षों के व्यापारिक नेताओं के साथ विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए उत्सुक हूं. मैं ऑस्ट्रिया में भारतीय समुदाय के साथ भी बातचीत करूंगा, जो अपने व्यावसायिकता और आचरण के लिए जाना जाता है.
पीएम मोदी के रूस रवाना होने से पहले उनकी यात्रा के बारे में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि हमारे वार्षिक शिखर सम्मेलनों में थोड़ी देरी हुई है, हम दो ऐसे देश हैं जिनका एक साथ काम करने का मजबूत इतिहास रहा है. हमने वार्षिक शिखर सम्मेलन की आवश्यकता को महत्व दिया है. पिछले साल जब मैं मास्को गया था, तो मैं प्रधानमंत्री का संदेश लेकर गया था कि हम वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए प्रतिबद्ध हैं और हम इसे जल्द ही करेंगे. ये किसी भी रिश्ते का जायजा लेने का एक तरीका है.
जयशंकर ने कहा कि सबसे बड़ा बदलाव ये रहा है कि रूस के साथ हमारे आर्थिक संबंध काफी बढ़ गए हैं. नेतृत्व के स्तर पर, ये प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के लिए एक-दूसरे से बैठकर सीधे बात करने का एक शानदार अवसर होगा. राष्ट्रपति पुतिन प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी करेंगे, मंगलवार को प्रधानमंत्री मास्को में एक सामुदायिक कार्यक्रम में भाग लेंगे.